जींद : भारतीय रेलवे ने हरित एवं आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का जींद–सोनीपत रेलखंड पर यात्रियों के लिए नियमित संचालन रविवार से शुरू कर दिया।
पहले ही दिन इस ऐतिहासिक ट्रेन को लेकर यात्रियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। जींद जंक्शन से करीब 20 यात्रियों ने इस विशेष ट्रेन में सफर किया और इसे पर्यावरण अनुकूल रेल सेवा की नई शुरुआत बताया।
रविवार सुबह ट्रेन यार्ड से निकलकर जींद जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर पहुंची। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को अपने सामने देखकर यात्रियों और रेल प्रेमियों में खासा उत्साह नजर आया। कई लोग ट्रेन के साथ तस्वीरें खिंचवाते और सेल्फी लेते दिखाई दिए। स्टेशन पर मौजूद लोगों ने ट्रेन की आधुनिक बनावट और सुविधाओं की भी सराहना की।
ट्रेन लगभग 25 मिनट प्लेटफॉर्म पर खड़ी रही। इसके बाद सुबह 7 बजकर 40 मिनट पर यह अपने निर्धारित गंतव्य सोनीपत के लिए रवाना हुई। रेलवे अधिकारियों के अनुसार ट्रेन का संचालन तय समय-सारिणी के अनुसार किया जा रहा है और यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक तथा पर्यावरण के अनुकूल यात्रा का अनुभव मिलेगा।
यात्रियों ने बताया कि इस ट्रेन में अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके बावजूद किराया सामान्य यात्रियों की पहुंच के अनुरूप रखा गया है, जिससे अधिक से अधिक लोग इस नई तकनीक आधारित रेल सेवा का लाभ उठा सकें।
यात्रियों का मानना है कि हाइड्रोजन ईंधन पर आधारित यह ट्रेन भविष्य में प्रदूषण कम करने के साथ-साथ रेलवे के हरित अभियान को भी नई दिशा देगी।
रेलवे की इस पहल को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। हाइड्रोजन ईंधन से संचालित ट्रेनें डीजल आधारित ट्रेनों की तुलना में प्रदूषण काफी कम करती हैं और भविष्य में भारतीय रेलवे के स्वच्छ एवं टिकाऊ परिवहन तंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
पहले ही दिन यात्रियों से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया ने इस नई सेवा को लेकर लोगों की बढ़ती रुचि को भी स्पष्ट कर दिया।