तमिलनाडु में INDIA गठबंधन पर तकरार 
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INDIA गठबंधन में दरार! DMK ने कांग्रेस को दिया बड़ा झटका

तमिलनाडु में विपक्षी एकता पर संकट, DMK ने दिखाई सख्ती

चेन्नई : तमिलनाडु में INDIA गठबंधन के भीतर मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं। राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी डीएमके ने अपने पुराने सहयोगी विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) के उस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है,

जिसमें डीएमके और मुख्यमंत्री विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) को भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर एक मंच पर लाने की बात कही गई थी। इस मुद्दे पर कांग्रेस और वीसीके एक साथ दिखाई दे रहे हैं, जबकि डीएमके ने इसे राजनीतिक रूप से अस्वीकार्य बताया है।

VCK ने दिया केरल-बंगाल मॉडल अपनाने का सुझाव

विवाद की शुरुआत वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन के उस बयान से हुई, जिसमें उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में भी केरल और पश्चिम बंगाल की तरह राजनीतिक मॉडल अपनाया जा सकता है। उनका तर्क था कि राज्य स्तर पर दलों के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा बनी रह सकती है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर सभी विपक्षी दल INDIA गठबंधन के तहत भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ एकजुट होकर काम कर सकते हैं।


कांग्रेस ने किया समर्थन

थिरुमावलवन के प्रस्ताव का कांग्रेस ने समर्थन किया। कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी के खिलाफ विपक्षी दलों की एकजुटता राज्य स्तरीय राजनीतिक मतभेदों से अधिक महत्वपूर्ण है। पार्टी का मानना है कि राष्ट्रीय हित और लोकतंत्र की रक्षा के लिए विपक्षी दलों को साझा मंच पर आना चाहिए।


DMK का पलटवार, कांग्रेस पर लगाया विश्वासघात का आरोप

डीएमके ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह नकारते हुए कांग्रेस पर गठबंधन धर्म का पालन न करने का आरोप लगाया। पार्टी के सांसद गणपति पी. राजकुमार ने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस ने सत्ता और मंत्री पदों के लिए टीवीके का समर्थन किया और डीएमके की "पीठ में छुरा घोंपा।"

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब सीधे बातचीत करने के बजाय वीसीके को माध्यम बनाकर डीएमके पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। राजकुमार ने स्पष्ट कहा कि डीएमके नेतृत्व वीसीके के प्रस्ताव को स्वीकार करने वाला नहीं है।


'तमिलनाडु की राजनीति केरल और बंगाल से अलग'

डीएमके सांसद गणपति पी. राजकुमार ने कहा कि केरल और पश्चिम बंगाल का राजनीतिक मॉडल तमिलनाडु में लागू नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार राज्य की राजनीतिक परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं और टीवीके के तीसरी बड़ी राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरने के बाद राजनीतिक समीकरण भी बदल गए हैं।

उन्होंने कहा कि केरल में मुकाबला कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट और वाम दलों के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट के बीच होता है, जबकि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस राज्य में प्रतिद्वंद्वी होने के बावजूद राष्ट्रीय स्तर पर INDIA गठबंधन का हिस्सा हैं। तमिलनाडु की स्थिति इससे अलग है।

डीएमके सांसद ने यह भी सवाल उठाया कि क्या टीवीके को फिलहाल INDIA गठबंधन का हिस्सा माना जा सकता है, जबकि उसके पास संसद में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर पहले गंभीर राजनीतिक चर्चा होनी चाहिए। हालांकि उन्होंने दोहराया कि बीजेपी आज भी डीएमके की सबसे बड़ी वैचारिक प्रतिद्वंद्वी है, क्योंकि पार्टी का मानना है कि भाजपा क्षेत्रीय दलों को कमजोर करने की नीति पर काम करती है।

राजकुमार ने स्वीकार किया कि डीएमके और कांग्रेस के रिश्ते अभी सामान्य नहीं हुए हैं। उनके अनुसार दोनों दलों के बीच बनी दूरी खत्म होने में समय लगेगा। उन्होंने कहा कि करीब एक दशक पुराने गठबंधन का टूटना INDIA गठबंधन के लिए भी बड़ा झटका रहा है।


चुनाव बाद बदले राजनीतिक समीकरण

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस ने डीएमके के साथ नौ वर्ष पुराना गठबंधन समाप्त कर मुख्यमंत्री विजय की अगुवाई वाली टीवीके सरकार को समर्थन दे दिया। वीसीके और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग सरकार में शामिल हो गए, जबकि सीपीआई और सीपीएम ने बाहर से सरकार को समर्थन दिया। इन्हीं बदले राजनीतिक हालात के बीच वीसीके ने डीएमके और टीवीके को राष्ट्रीय स्तर पर INDIA गठबंधन में साथ लाने का सुझाव दिया।

कांग्रेस सांसद जोथिमणि ने भी रखा पक्ष

कांग्रेस सांसद जोथिमणि ने कहा कि देश इस समय चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है और बीजेपी के खिलाफ विपक्ष की अधिकतम एकजुटता समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक गठबंधन का मुद्दा नहीं, बल्कि लोकतंत्र और देश के भविष्य से जुड़ा प्रश्न है।

उन्होंने परिसीमन और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि भविष्य में टीवीके को संसद में प्रतिनिधित्व मिलता है तो INDIA गठबंधन में उसकी भूमिका और डीएमके की स्थिति पर फिर से विचार किया जा सकता है।

INDIA गठबंधन में मतभेद हुए उजागर

तमिलनाडु में INDIA गठबंधन को लेकर छिड़ी यह बहस राज्य की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों को रेखांकित करती है। एक ओर कांग्रेस और वीसीके भाजपा के खिलाफ व्यापक विपक्षी एकता की वकालत कर रहे हैं,

वहीं दूसरी ओर डीएमके इसे राजनीतिक विश्वासघात मानते हुए किसी भी नई साझेदारी से साफ इनकार कर रही है। आने वाले समय में यह विवाद राज्य और राष्ट्रीय राजनीति, दोनों पर असर डाल सकता है।

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