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'मनरेगा' पर एकमत पूरा विपक्ष, 'जी राम जी' कहने को तैयार नहीं

विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार के निकट सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने हाथों में महात्मा गांधी की तस्वीर वाली तख्तियां ले रखी थीं।

Badrinath Shaw

नई दिल्ली: विपक्षी दलों के सांसदों ने मनरेगा के स्थान पर ‘विकसित भारत- जी राम जी विधेयक’ संसद द्वारा पारित किए जाने के बाद शुक्रवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया। संसद ने बृहस्पतिवार को ‘विकसित भारत- जी राम जी विधेयक, 2025’ को मंजूरी दी। पहले दिन में यह विधेयक लोकसभा और देर रात राज्यसभा से पारित किया गया।

विपक्ष का मकर द्वार के निकट नारेबाजी

विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार के निकट सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने हाथों में महात्मा गांधी की तस्वीर वाली तख्तियां ले रखी थीं। कई विपक्षी सांसदों ने विधेयक के विरोध में बृहस्पतिवार को पूरी रात संसद परिसर में धरना दिया।

प्रियंका गांधी वाद्रा ने कहा विधेयक हानिकारक

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह विधेयक सबसे गरीब लोगों के लिए बहुत हानिकारक होने वाला है क्योंकि मूल मनरेगा योजना में केंद्र 90 प्रतिशत धनराशि का भुगतान करता था वह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ थी और उन लोगों के लिए सबसे बड़ा सहयोग था जो बहुत गरीब हैं और जिन्हें रोजगार मिलने में कठिनाई होती थी।’’

मनरेगा अच्छी योजना

उन्होंने दावा किया, ‘‘पिछले 20 वर्षों से मनरेगा गरीब लोगों की आजीविका को चलाने और उनकी मदद करने वाली अच्छी योजनाओं में से एक रही है। अब, नए विधेयक के तहत केंद्र से धन के आवंटन में कटौती की जाएगी, तो राज्य इसे वहन करने में सक्षम नहीं होंगे। इसका मतलब यह है कि यह योजना खत्म हो जायेगी और यह बहुत हानिकारक होने वाली है।’’

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