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पाकिस्तान भारी मात्रा में खरीद रहा है हथियार, नौसेना कमान के प्रमुख स्वामीनाथन ने किया अलर्ट

ऑपरेशन सिंदूर को महत्वपूर्ण बताते हुए वाइस एडमिरल ने कहा कि इसने नयी दिल्ली के इस्लामाबाद के साथ संबंधों में एक ‘न्यू नॉर्मल’ (नई सामान्य स्थिति)स्थापित की है।

मुंबई : पश्चिमी नौसेना कमान के प्रमुख, वाइस एडमिरल के स्वामीनाथन ने कहा है कि मई में 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद पाकिस्तान का दुनिया भर से हथियार खरीदना एक गंभीर चिंता का विषय है, जबकि चीन भी अपनी बढ़ती आक्रामकता के बीच एक स्थायी चुनौती बना हुआ है। वह बुधवार को ब्रह्म रिसर्च फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक सुरक्षा सम्मेलन में बोल रहे थे।

चीनी नौसेना का विस्तार

वाइस एडमिरल स्वामीनाथन ने कहा कि चीनी नौसेना दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना बन चुकी है और पिछले दशक में उसने भारतीय नौसेना के बराबर बेड़े का विस्तार किया है। उन्होंने कहा, ‘चीन हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में लगातार पांच से आठ जहाजों को तैनात किए हुए है। चीन एक स्थायी चुनौती बना रहेगा।' ऑपरेशन सिंदूर को महत्वपूर्ण बताते हुए वाइस एडमिरल ने कहा कि इसने नयी दिल्ली के इस्लामाबाद के साथ संबंधों में एक ‘न्यू नॉर्मल’ (नई सामान्य स्थिति)स्थापित की है।

पाकिस्तान ने हथियार खरीद बढ़ाई

उन्होंने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर के समाप्त होने के बाद पाकिस्तान अपने यहां के हालात की पूरी तरह उपेक्षा करते हुए पहले से कहीं अधिक हथियार खरीद रहा है।’ उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने कुछ कठोर वास्तविकताओं को उजागर किया है। वाइस एडमिरल ने कहा, ‘‘एक तो पाकिस्तान और चीन के बीच मिलीभगत खुली और स्पष्ट थी।’ उन्होंने कहा कि दूसरा, तुर्की का पाकिस्तान के लिए एक प्रमुख समर्थक और आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरना एक नया घटनाक्रम है, जिस पर सावधानीपूर्वक निगरानी रखनी होगी।

भारत के तीनों सेनाओं के बीच अच्छा तालमेल

इस कार्यक्रम में एक परिचर्चा में शामिल हुए एकीकृत रक्षा स्टाफ (परिचालन) के उप प्रमुख एयर मार्शल राकेश सिन्हा ने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के माध्यम से भारत ने तीनों सेनाओं के बीच संपूर्ण तालमेल का प्रदर्शन किया। एयर मार्शल ने कहा कि भारत ने एक नया संदेश दिया है कि ‘‘यदि दुश्मन भारत को परेशान करने वाली कोई भी कार्रवाई करता है, तो देश अपने चुनिंदा समय और स्थान पर निर्णायक जवाब देगा और परमाणु ब्लैकमेलिंग स्वीकार नहीं करेगा।’

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