नई दिल्ली : नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर देशभर में सियासी हलचल तेज हो गई है। आंदोलन अब केवल छात्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक दलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, छात्र संगठनों और विभिन्न वर्गों के लोगों का समर्थन मिलने लगा है। सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है।
सरकार से बातचीत की कवायद
जंतर-मंतर पर जारी सीजेपी के नेतृत्व वाले छात्र आंदोलन को लेकर सरकार की ओर से बातचीत की पेशकश किए जाने का दावा किया गया है। प्रदर्शनकारी संगठन ने वार्ता के लिए अपनी शर्तें रखी हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हिरासत संबंधी अधिकार दिए जाने को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ है। पुलिस ने इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बताया है। अभिनेता-नेता कमल हासन ने छात्रों के पक्ष में आवाज उठाई।
देशभर में प्रदर्शन, छात्र संगठनों का विरोध तेज
महाराष्ट्र में सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने विद्यार्थियों के समर्थन में मौन आंदोलन किया और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की। वहीं, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने 26 जुलाई को मुंबई में मोर्चा निकालने की घोषणा की है। उत्तराखंड के मसूरी में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने एमजी कॉलेज परिसर में प्रदर्शन कर पेपर लीक, नीट विवाद और जंतर-मंतर पर कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका।
आइसा और आईवायएफ कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन
बिहार के बेगूसराय में आइसा और आईवायएफ कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पथराव के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कुछ पत्रकार भी घायल हुए। इधर, नीट आंदोलन को समर्थन देते हुए सुप्रीम कोर्ट परिसर में वकीलों ने भी प्रदर्शन किया। आंदोलन के बढ़ते दायरे के बीच सरकार पर छात्रों की मांगों पर जल्द समाधान निकालने का दबाव बढ़ रहा है।