सुरक्षा संभालते सुरक्षाकर्मी 
भारत

कांगपोकपी में संदिग्ध उग्रवादियों की गोलीबारी, दो ग्रामीणों की मौत

एक व्यक्ति घायल

इंफाल/कांगपोकपी : मणिपुर के कांगपोकपी जिले में सोमवार सुबह संदिग्ध उग्रवादियों ने एक गांव में अंधाधुंध गोलीबारी कर दो ग्रामीणों की हत्या कर दी। हमले में एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने घर छोड़कर पास के जंगलों में जाकर छिपने को मजबूर हुए। सुरक्षा बलों को इलाके में भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार, हमला सुबह करीब 9.30 बजे टी वाइचोंग उपमंडल के अंतर्गत आने वाले एन तेइखांग गांव में हुआ। यह गांव कुकी समुदाय की आबादी वाला क्षेत्र है। हथियारबंद लोगों ने अत्याधुनिक हथियारों से ग्रामीणों को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। गोलीबारी के दौरान गांव में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागना शुरू कर दिया। हमले में दो ग्रामीणों की मौके पर ही मौत हो गई। अधिकारियों ने मृतकों की पहचान 35 वर्षीय लामतिनथांग और नेइचिन के रूप में की है। वहीं, गोलीबारी में 65 वर्षीय सेइलुन घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, हमलावरों ने गोलीबारी के साथ-साथ गांव के कई मकानों को भी आग के हवाले कर दिया। आगजनी के कारण ग्रामीणों में दहशत और बढ़ गई।

जंगलों में छिपे ग्रामीण

हमले के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने घर छोड़कर आसपास के जंगलों में चले गए। ग्रामीणों ने गोलीबारी और आगजनी के बीच वहां शरण ली। अधिकारियों के अनुसार, इलाके में सुरक्षा स्थिति को देखते हुए सुरक्षाबलों की अतिरिक्त टुकड़ियां भेजी जा रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद एक पर्वतीय गांव में दोनों समुदायों से जुड़े हथियारबंद समूहों के बीच भारी गोलीबारी होने की भी सूचना है। इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। सुरक्षा बलों का उद्देश्य इलाके में जारी गोलीबारी को रोकना और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है।

कुछ दिन पहले नगा नागरिकों पर हुआ था हमला

कांगपोकपी जिले में यह ताजा हिंसा ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले ही संदिग्ध उग्रवादियों ने एक वाहन को घात लगाकर निशाना बनाया था। उस हमले में चार नगा नागरिकों की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ था। लगातार हो रही हिंसक घटनाओं से जिले में समुदायों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है। प्रशासन के सामने ग्रामीणों की सुरक्षा के साथ-साथ हिंसा को और फैलने से रोकने की चुनौती है। मणिपुर में मई 2023 से मेइती और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा का दौर चला है। इस संघर्ष में अब तक 260 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। कांगपोकपी सहित कई पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में समय-समय पर गोलीबारी और हिंसा की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में एन तेइखांग में सोमवार को हुई घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।


SCROLL FOR NEXT