भारत

दिमागी बुखार से 41वीं मौत, 154 मामले दर्ज

ऑटो चालक ने इलाज के दौरान तोड़ा दम संक्रमण के स्रोत की जांच जारी

कोझिकोड। केरल में अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस (दिमागी बुखार) का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य सेवा निदेशालय (डीएचएस) के अनुसार 25 जुलाई तक राज्य में इस बीमारी के 154 मामले सामने आ चुके थे और 40 मरीजों की मौत हो चुकी थी। सोमवार को कोझिकोड सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 49 वर्षीय बीजू की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 41 हो गई है। जुलाई महीने में ही इस संक्रमण के 13 नए मामले दर्ज किए गए हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है।

इलाज के दौरान बिगड़ी हालत

कोहिलैंडी के नादेरी निवासी बीजू पेशे से ऑटो रिक्शा चालक थे। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, 23 जुलाई को उनमें अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद उन्हें कोझिकोड सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान सोमवार को उनकी हालत अचानक गंभीर हो गई और चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

संक्रमण का स्रोत तलाशने में जुटा स्वास्थ्य विभाग

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि बीजू इस संक्रमण की चपेट में कैसे आए, इसकी जांच की जा रही है। अधिकारियों की टीम उनके हाल के गतिविधियों और उन स्थानों की जानकारी जुटा रही है, जहां वे दूषित पानी के संपर्क में आए हो सकते हैं। विभाग ने लोगों से झीलों, तालाबों, नदियों और अन्य मीठे पानी के स्रोतों में सावधानी बरतने की अपील की है।

क्या है अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस

अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करने वाला एक दुर्लभ, लेकिन बेहद जानलेवा संक्रमण है। यह सामान्यतः दूषित मीठे पानी में पाए जाने वाले अमीबा के नाक के रास्ते शरीर में प्रवेश करने से होता है। संक्रमण तेजी से मस्तिष्क को प्रभावित करता है, इसलिए समय पर पहचान और उपचार बेहद जरूरी माना जाता है। विशेषज्ञों ने लोगों से दूषित जल स्रोतों में तैराकी या गोता लगाते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

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