जम्मू: जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन और पहाड़ियों से पत्थर गिरने की घटनाओं के चलते जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार दूसरे दिन भी बंद रहा। इससे सैकड़ों यात्री और मालवाहक वाहन विभिन्न स्थानों पर फंस गए हैं, जबकि प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक, पिछले पांच दिनों के दौरान राज्य में बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सात लोग अभी भी लापता हैं। प्रशासन ने लापता लोगों की तलाश के लिए राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार काम कर रही हैं।
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से रामबन, नगरोटा, जम्मू, उधमपुर और अन्य स्थानों पर 600 से अधिक वाहन फंस गए हैं। इनमें निजी वाहन, यात्री बसें और आवश्यक वस्तुओं से लदे ट्रक भी शामिल हैं। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि जब तक सड़क पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं हो जाती, तब तक इस मार्ग पर यात्रा करने से बचें। सड़क को दोबारा चालू करने के लिए सीमा सड़क संगठन (BRO) और संबंधित एजेंसियां मलबा हटाने तथा क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर कर रही हैं। हालांकि लगातार हो रही बारिश के कारण राहत कार्यों में बाधा आ रही है।
मौसम विभाग ने सांबा, कठुआ, उधमपुर और चिनाब घाटी के कई इलाकों में अगले कुछ घंटों के दौरान फिर से मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव, पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बनने की चेतावनी भी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। साथ ही जिला प्रशासन को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौसम सामान्य होने के बाद ही जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बहाल किया जाएगा।