नई दिल्ली : भारत की सीमा सुरक्षा को नई तकनीकी मजबूती देने के लिए इंड्राजाल ड्रोन डिफेंस ने देश का पहला पूरी तरह मोबाइल और एआई-आधारित एंटी-ड्रोन पेट्रोल व्हीकल (ADPV) ‘इंड्राजाल रेंजर’ लॉन्च किया है। यह अत्याधुनिक वाहन लगातार चलते हुए भी दुश्मन ड्रोन की पहचान, ट्रैकिंग और उन्हें निष्क्रिय करने में सक्षम है। पारंपरिक एंटी-ड्रोन सिस्टम ज्यादातर स्थिर होते हैं, वहीं रेंजर के आने से भारत अब मोबाइल और रियल-टाइम रिस्पॉन्स की दिशा में बड़ा कदम उठा चुका है।
कंपनी के मुताबिक यह वाहन तेजी से बदलते ड्रोन खतरों का तुरंत जवाब देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। हाल के वर्षों में ड्रोन भारत के लिए बड़ी सुरक्षा चुनौती बनकर उभरे हैं। पाकिस्तान की ओर से आए ISI समर्थित ड्रोन के जरिए हथियार और गोला-बारूद भेजने के कई मामले उजागर हुए हैं। इसी साल सैकड़ों पाकिस्तानी ड्रोन इंटरसेप्ट किए गए, जो करीब 3 लाख करोड़ रुपए के ड्रग नेटवर्क का हिस्सा थे। इन घटनाओं ने साबित किया कि ड्रोन अब आतंक और तस्करी का मुख्य माध्यम बन चुके हैं। ऐसे में तेज, मोबाइल और स्मार्ट एंटी-ड्रोन सिस्टम की जरूरत समय की मांग बन गई थी।
पिछले कुछ वर्षों में बड़ा बदलाव : सीमाओं पर होने वाली गतिविधियों में पिछले कुछ वर्षों में बड़ा बदलाव आया है। पाकिस्तान से भेजे जा रहे ड्रोन—कभी हथियार, कभी ड्रग्स और कभी जासूसी उपकरण लेकर—भारत की सुरक्षा एजेंसियों के सामने नई चुनौती बनकर उभरे हैं।रिपोर्टों के मुताबिक, इस साल ही भारतीय सुरक्षा बलों ने सैकड़ों पाकिस्तानी ड्रोन इंटरसेप्ट किए, जिनका इस्तेमाल लगभग 3 लाख करोड़ रुपए के ड्रग रैकेट में किया जा रहा था।
ऐसे हालात में स्थिर एंटी-ड्रोन सिस्टम काफी नहीं थे। देश को जरूरत थी ऐसे सिस्टम की जो खतरे का पीछा करे, खतरा जिसका पीछा नहीं कर सके। इंड्राजाल रेंजर इसी सोच का परिणाम है। यह वाहन चलते हुए भी ड्रोन की पहचान कर सकता है, उन्हें ट्रैक कर सकता है और जरूरत पड़ने पर उन्हें निष्क्रिय बना सकता है। यानी खतरा चाहे जितनी तेजी से आए प्रतिक्रिया उससे भी तेज होगी। वाहन में लगा SkyOS ऑटोनॉमी इंजन कई सेंसरों के इनपुट को एकीकृत कर बड़े क्षेत्रों में एक सुरक्षा परत तैयार करता है।
ऐसे क्षेत्र जो पहले एक साथ कवर करना कठिन था—एयरपोर्ट, रिफाइनरी, सीमा चौकियां, बड़े पुल, औद्योगिक क्षेत्र अब एक ही सिस्टम से सुरक्षित किए जा सकेंगे। कंपनी के सीईओ और फाउंडर किरण राजू ने लॉन्च के दौरान कहा हमारा लक्ष्य है हर ड्रोन को निष्क्रिय करना, ताकि हर जान की रक्षा हो सके।
रेंजर की प्रमुख विशेषताएं
रेंजर की प्रमुख विशेषताएं चलते वाहन से ही ड्रोन की पहचान, ट्रैकिंग और इंटरसेप्शनं,एआई आधारित ऑटोनॉमस थ्रेट असेसमेंट, तस्करी, घुसपैठ और आतंकी नेटवर्क को कमजोर करने की क्षमता रखता है। लॉन्च कार्यक्रम में मौजूद लेफ्टिनेंट जनरल (रि.) देवेन्द्र प्रताप पांडे ने कहा यह वाहन सिर्फ मशीन नहीं, बल्कि एक ढाल है। यह हमारे बच्चों, किसानों और सीमावर्ती समुदायों के भविष्य को सुरक्षित करेगा।
इंड्राजाल के मुताबिक ‘रेंजर’ को ऐसे तैयार किया गया है कि यह पूरे देश में बड़े पैमाने पर तैनात किया जा सके। इसका SkyOS ऑटोनॉमी इंजन मल्टी-सेंसर डेटा को जोड़कर एक व्यापक “सिक्योरिटी डोम” बनाता है, जो एयरपोर्ट, रिफाइनरी, सैन्य ठिकाने और बड़े औद्योगिक क्षेत्रों को सुरक्षित रख सकता है। कंपनी को ARDTC सर्टिफिकेशन भी मिल चुका है, जिससे इसकी राष्ट्रीय स्तर पर तैनाती का रास्ता आसान हो गया है।
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