सांकेतिक चित्र  
भारत

ओवरलोड ट्रकों पर सरकार सख्त: अब FASTag से कटेगा ऑनलाइन जुर्माना

सड़कों की उम्र बढ़ाने और हादसे रोकने के लिए सरकार की नई डिजिटल व्यवस्था

अंजलि भाटिया

नई दिल्ली : ओवरलोडेड ट्रकों से होने वाले हादसों और सड़कों को होने वाले नुकसान पर रोक लगाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब ऐसे ट्रकों से जुर्माना मैन्युअल तरीके के बजाय सीधे फास्टैग के जरिए ऑनलाइन वसूला जाएगा। इसके साथ ही हर उल्लंघन का रिकॉर्ड वाहन पोर्टल पर दर्ज होगा, ताकि बार-बार नियम तोड़ने वाले ट्रकों का परमिट रद्द किया जा सके। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में लागू की जा रही है। नई प्रणाली में वे-इन-मोशन (WIM) मशीनों के जरिए ट्रकों का वजन चलते-फिरते ही मापा जाएगा। इससे टोल प्लाजा पर ट्रकों को रोककर धर्मकांटे पर वजन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सेंसर के जरिए पूरा डेटा सीधे सर्वर पर जाएगा, जिससे किसी तरह की छेड़छाड़ की गुंजाइश नहीं रहेगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से टोल प्लाजा पर होने वाले भ्रष्टाचार पर भी रोक लगेगी। अभी तक कई मामलों में टोल कर्मचारी अवैध वसूली कर ट्रकों को आगे बढ़ने देते थे। नई व्यवस्था में यह संभव नहीं होगा। सरकार के इस निर्णय से न सिर्फ टोल प्लाजा पर फैले भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, बल्कि ओवरलोडिंग से होने वाले हादसों में मृतकों की संख्या में करीब 10 फीसदी तक कमी आने की भी उम्मीद है, जिससे लगभग 15 हजार लोगों की जान बचाई जा सकती है। इसके अलावा, ओवरलोडिंग से जुड़े जुर्माने को अब वाहन के लाइसेंस और परमिट से भी जोड़ दिया गया है। हर उल्लंघन का डेटा तुरंत अपडेट होगा और बार-बार गलती करने वाले ट्रकों का नेशनल परमिट स्थायी रूप से रद्द किया जा सकता है।

ओवरलोडिंग न सिर्फ सड़क पर चलने वाले लोगों के लिए खतरनाक है, बल्कि इससे राष्ट्रीय राजमार्गों को भी भारी नुकसान होता है। आंकड़ों के अनुसार, ओवरलोड ट्रक सड़कों की उम्र लगभग 50 प्रतिशत तक घटा देते हैं। यानी जो सड़क 10 साल चलनी चाहिए, वह 4-5 साल में ही खराब हो जाती है। सरकार का यह कदम टोल ऑपरेटरों पर भी नजर रखेगा। यदि कोई ऑपरेटर डेटा में गड़बड़ी करता या सिस्टम को बायपास करने की कोशिश करता पकड़ा गया, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और उसका लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है। नए नियमों के तहत 10 प्रतिशत तक की ओवरलोडिंग को छूट दी गई है, लेकिन इसके बाद सख्त कार्रवाई होगी। 10 से 40 प्रतिशत ओवरलोड होने पर सामान्य टोल शुल्क का दोगुना जुर्माना देना होगा, जबकि 40 प्रतिशत से अधिक ओवरलोड होने पर चार गुना तक जुर्माना वसूला जाएगा। हालांकि, जहां प्रमाणित वे-इन-मोशन मशीनें नहीं होंगी, वहां अतिरिक्त जुर्माना नहीं लिया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इस नई व्यवस्था से सड़क हादसों में कमी आएगी और बड़ी संख्या में लोगों की जान बचाई जा सकेगी।

SCROLL FOR NEXT