फ्रूट ट्रेन AI Generated Image
भारत

जल्द चलेगी ‘फ्रूट ट्रेन’, सस्ते भाड़े में देश की मंडियों में पहुंचने लगेंगे कश्मीर के ताजा सेब

कश्मीर के मशहूर और मीठे सेबों को देश और दुनिया की मंडियों तक समय पर पहुंचाने के लिए अब लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा । कश्मीर में सेब उगाने वालों को जल्द ही अनंतनाग से एक खास 'फ्रूट ट्रेन' की सुविधा मिलेगी । इसके 1 सितंबर, 2026 के आसपास शुरू होने की उम्मीद है और रेलवे की आखिरी औपचारिकताएं अभी चल रही हैं । यह ट्रेन हजारों टन सेब और दूसरी उपज को 20–22 घंटे में दिल्ली और 7–8 घंटे में जम्मू पहुंचाएगी ।

सेब किसानों की परेशानियां दूर होंगी

इस मौसम में कश्मीर में सेब पूरी तरह पक जाते हैं, लेकिन NH-44 हाईवे अक्सर भूस्खलन, बारिश या मरम्मत के काम के कारण बंद हो जाता है। इससे दिल्ली की मंडियों में उपज पहुंचने में देरी होती है, जिससे माल खराब हो जाता है। ट्रांसपोर्ट का खर्च भी बढ़ जाता है और देर से पहुंचने के कारण कीमतें गिर जाती हैं। इस ट्रेन सेवा के शुरू होने से फल उगाने वालों की ये परेशानियां दूर हो जाएंगी ।

नुकसान का पुराना सिलसिला खत्म होने की उम्मीद

2026 में खराब मौसम और बार-बार ओलावृष्टि (जिसमें शोपियां, अनंतनाग और कुलगाम में अगस्त की शुरुआत और बीच में हुई घटनाएं शामिल हैं, जहां कुछ इलाकों में 90% तक नुकसान हुआ) के कारण 300–400 करोड़ रुपये के फसल नुकसान के बाद इस सेवा की बहुत जरूरत है । श्रीनगर-जम्मू हाइवे पर ट्रैफिक जाम के कारण अक्सर ट्रक फंसे रह जाते हैं और सेब की कीमतें बहुत गिर जाती हैं, ऐसा पिछले साल भी देखा गया था। अब उत्पादकों को उम्मीद है कि इससे भारी नुकसान का पुराना सिलसिला खत्म हो जाएगा।

कश्मीर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है सेब की खेती

बागवानी, खासकर सेब की खेती, जिसका सालाना उत्पादन लगभग 25 से 30 लाख मीट्रिक टन है, को कश्मीर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है, जो लगभग 35 लाख लोगों को सहारा देती है। फल उगाने वाले नॉर्दर्न रेलवे की इस पहल को लेकर उम्मीद से भरे हैं और मानते हैं कि ट्रेन सेवा शुरू होने से कश्मीर की अर्थव्यवस्था को काफी बढ़ावा मिलेगा ।

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