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DTC का घाटा 97,000 करोड़, सीएम रेखा गुप्ता करेंगी पुनर्जीवित

सरकार सार्वजनिक परिवहन की सभी बसों को ई-बसों में बदलने की दिशा में काम कर रही है।

नई दिल्ली: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रही है, जिसका घाटा बढ़कर 97,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। रोहिणी में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के उद्देश्य से अगले कुछ वर्षों में शहर में इलेक्ट्रिक (ई) बसों की संख्या बढ़ाकर 11,000 करने का लक्ष्य रखा है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) का घाटा दिल्ली के लगभग पूरे बजट के बराबर है। दिल्ली का बजट एक लाख करोड़ रुपये है जबकि डीटीसी को 97,000 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। उन्होंने कहा, “पिछले 10 महीनों में हमने डीटीसी को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया है। दिल्ली की पिछली सरकार ने बसों को चलाने, उनके मार्ग तय करने तथा कर्मचारियों की भर्ती सहित डीटीसी के संपूर्ण संचालन को दिल्ली एकीकृत बहु- मॉडल ट्रांजिट प्रणाली लिमिटेड (डीआईएमटीएस) को सौंप दिया था।”

उन्होंने कहा कि इससे डीटीसी संकट में पड़ गई और डीटीसी के चालक व परिचालक खाली बैठने को मजबूर हो गए। गुप्ता ने कहा, "लेकिन हम पेंशन भुगतान सहित विभिन्न मुद्दों को हल करके धीरे-धीरे इसमें सुधार कर रहे हैं। बस संचालन का जिम्मा डीआईएमटीएस से वापस ले लिया गया है और अब डीटीसी खुद इनका संचालन करेगी।"

सरकार सार्वजनिक परिवहन की सभी बसों को ई-बसों में बदलने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 5,500 ई बसें हैं। गुप्ता ने कहा, "हमारा लक्ष्य इस वर्ष के अंत तक ई बसों की संख्या को बढ़ाकर 7,500 करना और अगले दो वर्षों में इसे 11,000 तक पहुंचाना है।"

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