अलप्पुझा: केरल राज्य पशुपालन विभाग ने अलप्पुझा और कोट्टायम जिलों के कुछ क्षेत्रों में मुर्गियों में एवियन फ्लू की पुष्टि होने के बाद एहतियाती उपाय शुरू कर दिए हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि अलप्पुझा में, नेदुमुदी, चेरुथाना, करुवत्ता कार्तिकपल्ली, अंबालापुझा दक्षिण, पुन्नपरा दक्षिण, तकाझी और पुरक्कड़ में एवियन फ्लू के मामलों की सूचना मिली है। अधिकारियों ने कहा कि कोट्टायम में, कुरुपंथरा, कल्लुपुरयक्कल और वेलूर में एवियन फ्लू फैलने की सूचना है।
एक सप्ताह पहले मिली एवियन फ्लू की जानकारी
पशुपालन मंत्री जे चिंचू रानी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा कि केंद्रीय प्रयोगशाला से आए परीक्षण परिणामों ने दोनों जिलों में फ्लू की पुष्टि की है। उन्होंने कहा, “लगभग एक सप्ताह पहले हमें एवियन फ्लू के मामलों की जानकारी मिली। नमूने एकत्र कर भोपाल की केंद्रीय प्रयोगशाला में भेजे गए, जिसने संक्रमण की पुष्टि की है।” मंत्री ने कहा कि विभाग फिलहाल संक्रमण की तीव्रता का आकलन कर रहा है।
चिकन पर प्रतिबंध नहीं
उन्होंने कहा कि अभी तक मुर्गी उत्पादों के सेवन पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। रानी ने कहा कि मुर्गीपालक किसान प्रभावित हो सकते हैं क्योंकि क्रिसमस और नए साल के मौसम में इन उत्पादों की बिक्री आमतौर पर बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ टीमें जमीनी स्तर पर काम कर रही हैं। मंत्री ने कहा, ‘‘हमारा आकलन है कि एवियन फ्लू प्रवासी पक्षियों के माध्यम से फैलता है। पिछले साल भी अलप्पुझा, कोट्टायम और पथनमथिट्टा जिलों में इसी तरह के मामले देखे गए थे।’’