File Photo 
भारत

अरावली परिभाषा में बदलाव करने के साथ ही जनता को गुमराह कर रही है भाजपा: कांग्रेस

भूपेन्द्र यादव ने सोमवार को कांग्रेस पर अरावली की नई परिभाषा के मुद्दे पर ‘गलत सूचना’ और ‘झूठ’ फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा था कि पर्वत श्रृंखला के केवल 0.19 प्रतिशत हिस्से में ही कानूनी रूप से खनन किया जा सकता है।

Badrinath Shaw

नई दिल्ली: कांग्रेस ने अरावली के मुद्दे को लेकर बुधवार को मोदी सरकार पर फिर से निशाना साधा और सवाल किया कि वह इस पर्वतमाला की परिभाषा में इतनी बड़ी खामियों वाले बदलाव को आगे बढ़ाने पर क्यों अड़ी हुई है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव इस विषय पर लोगों को गुमराह कर रहे हैं।

जयराम रमेश ने 'X' पर लिखा

पूर्व पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने एक खबर का हवाला देते हुए 'एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘ अब यह बिल्कुल साफ़ हो गया है कि अरावली मुद्दे पर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री पूरी तरह से सच नहीं बता रहे हैं और जनता को गुमराह कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ अरावली की परिभाषा में जो बदलाव मोदी सरकार कर रही है, उसका भारतीय वन सर्वेक्षण, उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित केंद्रीय विशेषाधिकार समिति और उच्चतम न्यायालय के न्याय मित्र ने स्पष्ट और ज़ोरदार विरोध किया है।" उन्होंने सवाल किया कि फिर भी मोदी सरकार अरावली की परिभाषा में इतनी बड़ी खामियों वाले बदलाव को आगे बढ़ाने पर क्यों अड़ी हुई है?

भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को अनुचित बताया

भूपेन्द्र यादव ने सोमवार को कांग्रेस पर अरावली की नई परिभाषा के मुद्दे पर ‘गलत सूचना’ और ‘झूठ’ फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा था कि पर्वत श्रृंखला के केवल 0.19 प्रतिशत हिस्से में ही कानूनी रूप से खनन किया जा सकता है। यादव ने प्रेसवार्ता में यह भी कहा था कि नरेन्द्र मोदी सरकार अरावली की सुरक्षा और पुनर्स्थापन के लिए ‘पूरी तरह से प्रतिबद्ध’ है।

SCROLL FOR NEXT