भारत मंडपम में जुटेंगे असम समेत देशभर के कलाकार
संगीत और विरासत को समर्पित होगा समारोह
गुवाहाटी : महान गायक, संगीतकार और सांस्कृतिक दूत भूपेन हजारिका की जन्मशती के उपलक्ष्य में वर्षभर आयोजित किए गए कार्यक्रमों का समापन समारोह 29 नवंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होगा। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि समारोह में असम और देश के विभिन्न हिस्सों से कलाकार शामिल होंगे तथा महान संगीतकार की कला, विचार और सांस्कृतिक विरासत को याद किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में कहा कि भारत मंडपम 29 नवंबर को भूपेन हजारिका की संगीत यात्रा और उनकी भावना से जीवंत हो उठेगा। उन्होंने कहा कि हजारिका की आवाज ने असम को भारत से और भारत को दुनिया से जोड़ने का काम किया। जन्मशती समारोह के समापन अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों के कलाकार एक मंच पर आकर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे।
असम से देश और दुनिया तक पहुंची आवाज
हिमंत सरमा ने कहा कि भूपेन हजारिका केवल एक महान गायक और संगीतकार ही नहीं थे, बल्कि उनकी रचनाओं ने असम की संस्कृति, समाज और संवेदनाओं को व्यापक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। उनके गीतों में मानवीय संवेदना, सामाजिक सरोकार और देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं की झलक दिखाई देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हजारिका की आवाज ने लोगों को जोड़ने का काम किया और उनकी रचनाएं आज भी लोगों के बीच लोकप्रिय हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि उनका संगीत और सांस्कृतिक योगदान आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करता रहेगा।
सालभर चला जन्मशती समारोह
भूपेन हजारिका की जन्मशती के अवसर पर असम और देश के विभिन्न हिस्सों में सालभर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन आयोजनों में उनके संगीत, फिल्मों, साहित्यिक योगदान और सामाजिक सरोकारों को केंद्र में रखा गया। जन्मशती समारोह के माध्यम से उनकी रचनाओं और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। इन कार्यक्रमों की शुरुआत पिछले वर्ष उस समय हुई थी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूपेन हजारिका को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने हजारिका के सम्मान में 100 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया था। साथ ही महान संगीतकार की जीवनी ‘भारत रत्न भूपेन हजारिका’ का विमोचन भी किया गया था।
भारत रत्न से सम्मानित हुए हजारिका
भूपेन हजारिका का जन्म 8 सितंबर 1926 को असम के तिनसुकिया जिले के सदिया में हुआ था। उन्होंने संगीत और फिल्म के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उनकी रचनाओं ने असमिया संगीत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के साथ-साथ पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक आवाज को भी व्यापक मंच दिया। हजारिका का निधन 5 नवंबर 2011 को मुंबई में हुआ। उनके योगदान को सम्मानित करते हुए भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 2019 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया। इससे पहले भी उन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण समेत कई राष्ट्रीय सम्मानों से नवाजा जा चुका था।
दिल्ली में दिखेगी असम की सांस्कृतिक विरासत
29 नवंबर को भारत मंडपम में होने वाला समापन समारोह जन्मशती वर्ष के आयोजनों का अंतिम प्रमुख कार्यक्रम होगा। इसमें असम के कलाकारों के साथ देश के अन्य हिस्सों के कलाकार भी भाग लेंगे। समारोह के जरिए हजारिका की संगीत यात्रा के साथ असम की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि भूपेन हजारिका आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं और उनका संगीत अमर रहेगा। जन्मशती वर्ष का समापन समारोह उनकी इसी अमर संगीत विरासत और देश को जोड़ने वाली उनकी सांस्कृतिक भूमिका को समर्पित होगा।