थककर भी जो चलती रही,
वो राह अभी बाकी है,
आँखों में जो पलता रहा,
वो ख़्वाब अभी बाकी है।
कुछ लोग मिले, कुछ छूट गए,
कुछ रिश्ते ख़ामोश हुए,
जो दिल ने फिर भी छोड़ न पाए,
वो एहसास अभी बाकी है।
बारिश ने बहुत कुछ धो डाला,
कुछ यादें फिर भी भीगी हैं,
हँसते चेहरे के पीछे कहीं,
एक बात अभी बाकी है।
मंज़िल ने आवाज़ दी तो सही,
पर सफ़र को जल्दी क्या है,
जो खोया था कल की भीड़ में,
उसे पाने की आस अभी बाकी है।
कल चाहे सूरज नया उगे,
या रात ज़रा लंबी हो जाए,
मैं हार मान लूँ—इतनी जल्दी,
मेरे अंदर की साँस अभी बाकी है।
क्योंकि कहानी ख़त्म नहीं हुई,
एक नया अध्याय अभी बाकी है…
कुछ ख़्वाब अभी बाकी हैं।