ट्रंप को बड़ा झटका 
विदेश

अमेरिकी मतदाताओं ने दिया ट्रंप को बड़ा झटका

ट्रंप मिडटर्म इलेक्शन में दोनों सदनों में हारे, डेमोक्रेट्स को बहुमत

Ravi

वाशिंगटन : अमेरिका के मतदाताओं ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका झटका देते हुए मंगलवार को हुए बहुचर्चित मध्यावधि चुनावों में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी को संसद के उच्च सदन सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (प्रतिनिधि सभा) दोनों सदनों का नियंत्रण सौंप दिया। यही नहीं डेमोक्रेट ने कई अहम राज्यों में गवर्नर पदों पर भी जीत दर्ज की। ट्रंप ने आखिरकार अपनी हार मान ली है और कहा है कि हम डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करेंगे।

दुनियाभर में दिखेगा ट्रंप की हार की वजह

इन नतीजों का असर न केवल अमेरिका बल्कि वैश्विक स्तर पर भी देखने को मिल सकता है। रिपब्लिकन पार्टी को अपने मजबूत गढ़ माने जाने वाले टेक्सास, जॉर्जिया और आयोवा जैसे राज्यों में करारी हार का सामना करना पड़ा, जहां उसने डेमोक्रेटिक पार्टी के हाथों गवर्नर के पद गंवा दिये। इसके अलावा टेक्सास, मेन, साउथ कैरोलिना, नॉर्थ कैरोलिना, कंसास और आयोवा में सीनेट की सीट पर भी पार्टी को झटका लगा।

ट्रंप की नीतियों के प्रति लोगों में व्याप्त असंतोष

रिपब्लिकन पार्टी की इस बड़ी हार की मुख्य वजह ट्रंप की नीतियों के प्रति लोगों में व्याप्त असंतोष को माना जा रहा है। खासकर ईरान के खिलाफ युद्ध को लेकर लोगों में नाराजगी थी, जिसके कारण जीवन-यापन की लागत और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। मतदाताओं ने ट्रंप के बयानों, बड़े-बड़े दावों और उनकी कार्यशैली से पैदा हुई नाराजगी को रिपब्लिकन पार्टी के प्रति मोहभंग का मुख्य कारण बताया।

ओहायो के गवर्नर पद के चुनाव में ट्रंप के पसंदीदा भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवार विवेक रामास्वामी को कड़े मुकाबले और पार्टी में अंदरूनी कलह के बीच डेमोक्रेट उम्मीदवार एमी एक्टन से हार का सामना करना पड़ा। रिपब्लिकन नेता क्रिस क्रिस्टी ने कहा कि ट्रंप का दौर समाप्त हो गया है।

हार का ठीकरा दूसरों पर फोड़ा!

राष्ट्रपति के कार्यकाल के मध्य में होने वाले इन चुनावों में हार के संकेत मिलने के बाद ट्रंप ने मीडिया को दिये साक्षात्कारों में कहा कि मैं डेमोक्रेट्स को बधाई देता हूं, और मैं अपने देश की भलाई के लिए आपके साथ मिलकर काम करने की अपेक्षा रखता हूं। ट्रंप ने कहा कि मैं इन नतीजों को स्वीकार करने के लिए पूरी तरह तैयार हूं। हालांकि उनका यह बयान उनके सामान्य आक्रामक तेवरों से अलग, विनम्र और मेल-मिलाप वाला था लेकिन जल्द ही वे अपने पुराने अंदाज में लौट आये और हार का ठीकरा दूसरों पर फोड़ना शुरू कर दिया।

अब्दुल को हराने की सारी कोशिशें बेकार

वहीं मिशिगन में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल सैयद ने जीत हासिल की। इसके साथ ही वे अमेरिकी इतिहास में सीनेटर चुने जाने वाले पहले मुस्लिम बन गये हैं। ट्रंप ने अब्दुल को खुले मंच से ‘जिहादी’ कहा था। ट्रंप ने अब्दुल पर आतंकियों का साथ देने का आरोप भी लगाया। उन्होंने 11 सितंबर, 2001 के आतंकी हमलों का जिक्र करते हुए अल-सैयद की तुलना विमान हाईजैक करने वाले आतंकियों से भी की।

रिपब्लिकन पार्टी ने अपने ही गढ़ में मुंह की खायी

निवर्तमान सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के पास 53 और डेमोक्रेट के पास 47 सीट थीं। स्थानीय समयानुसार मंगलवार देर रात डेढ़ बजे तक डेमोक्रेट 54 सीट जीतकर सीनेट पर नियंत्रण हासिल कर लिया। वहीं रिपब्लिकन की सीट घटकर 44 रह गयी, जबकि 2 सीट पर नतीजे आना बाकी हैं। प्रतिनिधि सभा में कुल 435 सीटें हैं और सभी सीटों पर चुनाव हुए हैं। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने 231 सीटें जबकि ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी ने 144 सीटें जीती हैं। कुल 36 सीटों में से 31 राज्यों के नतीजे आ चुके हैं। गवर्नर्स के लिए 22 डेमोक्रेट्स और 12 रिपब्लिकन ने सीटें जीती हैं जबकि 2 राज्यों में वोटों की गिनती जारी है।

मुश्किल हुई ट्रंप की आगे की राह

इन नतीजों से ट्रंप की अपनी मर्जी से सरकार चलाने की क्षमता पर काफी अंकुश लग सकता है, क्योंकि अमेरिकी संसद के पास राष्ट्रपति के फैसलों को रोकने के व्यापक अधिकार हैं। अब ट्रंप के पास अपने फैसलों को लागू करने के लिए शासकीय आदेश जारी करने या संसद से पारित विधेयकों पर वीटो का इस्तेमाल करने का विकल्प ही बचेगा। चुनाव नतीजे सामने आते ही ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक तस्वीर पोस्ट की। इसमें लाल रंग की एक टोपी दिखाई दे रही थी, जिस पर बड़े अक्षरों में ‘वीटो’ लिखा हुआ है।

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