राजेश, सन्मार्ग संवाददाता
झाड़ग्राम : झाड़ग्राम और पश्चिम मिदनापुर जिले की सीमा से सटे इलाकों में अपने दल से बिछड़े एक हाथी के उत्पात से दहशत फैल गई। शुक्रवार की रात से शनिवार तड़के तक हाथी की आवाजाही ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी। इस दौरान हाथी ने बंद रेलवे फाटक को अपनी सूंड और पैरों से तोड़ दिया और टाटानगर-खड़गपुर रेललाइन पार कर गया। अचानक हुई इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात हाथी सबसे पहले कलाइकुंडा रेंज के बारडांगा बीट इलाके में पहुंचा। वहां से वह मानिकपाड़ा रेंज के बेलतला और गोविंदपुर होते हुए राशुआ की ओर बढ़ा। शनिवार तड़के हाथी झाड़ग्राम जिले के झाड़ग्राम ग्रामीण ब्लॉक के लालगढ़िया और राशुआ के बीच स्थित एक रेलवे फाटक के पास पहुंच गया। उस समय रेलवे फाटक बंद था। हाथी ने पहले अपनी सूंड से फाटक को तोड़ने की कोशिश की। इसके बाद पैरों से उसे कुचलकर रास्ता बनाया और रेलवे लाइन पार कर गया। इस अप्रत्याशित घटना से आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। बताया जाता है कि रेलवे लाइन पार करने के बाद हाथी सातपाटी घाट से कंसावती नदी पार कर चांदड़ा रेंज की ओर बढ़ गया। वन विभाग के सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल यह हाथी चिलगोड़ा जंगल में मौजूद है। हाथी की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग की ओर से निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही सीमावर्ती गांवों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वन विभाग ने लोगों से जंगल के आसपास अनावश्यक रूप से नहीं जाने और हाथी का पीछा नहीं करने की अपील की है। फिलहाल हाथी की लगातार बदलती लोकेशन को लेकर झाड़ग्राम और पश्चिम मिदनापुर के सीमावर्ती इलाकों में चिंता बनी हुई है। वन विभाग की निगरानी के बीच स्थानीय लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।