राजेश, सन्मार्ग संवाददाता
हल्दिया : राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद उद्योगपति बंगाल में निवेश करने की इच्छा जाहिर कर रहे हैं। बुधवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हल्दिया में एक नए फिनोल संयंत्र का उद्घाटन किया। हल्दिया पेट्रो केमिकल्स लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी अडपर्मा प्राइवेट लिमिटेड ने फिनोल और एसीटोन उत्पादन संयंत्र का निर्माण किया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के अलावा राज्य के उद्योग मंत्री तपस रॉय, परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह, मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी दोपहर से पहले हल्दिया पहुंचे। उन्होंने प्लांट का दौरा किया और प्लांट के अंदर मंदिर में आरती की। उसके बाद शुभेंदु अधिकारी ने रिबन काटकर और दीप प्रज्वलित कर प्लांट का उद्घाटन किया। कारखाने का उद्घाटन करने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "राज्य में उद्योग की लहर को कोई नहीं रोक सकता, पश्चिम बंगाल अब डबल इंजन से आगे बढ़ेगा। आने वाले दिनों में राज्य में और औद्योगिक निवेश होगा और 10 हज़ार करोड़ रुपये के निवेश की योजना हैं। उन्होंने कहा कि हल्दिया पेट्रोकेमिकल रास्ता दिखा रहा है।" जानकारों का अगर यह प्लांट चालू हो जाता है, तो हल्दिया पेट्रोकेमिकल में उत्पादन बढ़ जाएगा। नए प्रोजेक्ट के तहत फिनोल और एसीटोन फैक्ट्रियों को और बढ़ाया जाएगा। यह प्रोजेक्ट मुख्य रूप से राज्य के अंदर सप्लाई के मामले में बहुत ज़रूरी होने वाला है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि लक्षय आत्मनिर्भर भारत बनाना है। इसके लिए हमें शपथ लेनी होगी, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भर बन रहा है। बंगाल को भी उसी रास्ते पर चलना होगा। हमें भत्तों पर निर्भरता खत्म करके आत्मनिर्भर बनना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में ज्यादा से ज्यादा उद्योग आएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्दिया में 98 एकड़ जमीन पर पेप्सी का नया प्लांट बनाया जाएगा। इसके लिए हल्दिया डेवलपमेंट अथॉरिटी ने जगह दी है। इसके अलावा, हल्दिया में चिकित्सा उपकरण (मेडिकल इक्विपमेंट) बनाने की फैक्ट्री बनाई जाएगी। यह फैक्ट्री 50 एकड़ जमीन पर बनेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले 1 साल में हल्दिया में इंडस्ट्रियल सेक्टर में और डेवलपमेंट होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि हल्दिया में श्रमिकों की सुविधा के लिए जून 2027 में एक ट्रॉमा सेंटर का उद्घाटन किया जाएगा। जानकारों का मानना है कि अगर यह गोल पूरा हो गया, तो हल्दिया पेट्रोकेमिकल के आस-पास कई पीछे चलने वाले उद्योग (फॉलोअर इंडस्ट्रीज़) डेवलप होंगी। कुल मिलाकर हल्दिया बदलते बंगाल में बदल जाएगा।