बाढ़ का पानी भरा होने से घाटाल में छोटी नौका उर्फ डिंगी से शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान लाया गया 
पश्चिम बंगाल

घाटाल में पानी भरने से शव को नौका से अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया

राजेश, सन्मार्ग संवाददाता

मिदनापुर : पश्चिम मिदनापुर के घाटाल में बाढ़ का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बड़े इलाके पानी में डूब जाने से आम ज़िंदगी अस्त-व्यस्त हो गई है। सड़कों से लेकर घरों तक, कुछ जगहों पर अब नाव ही एकमात्र उम्मीद है। हाल के हालात में भी घाटाल के कई इलाकों में लोगों को डिंगी(छोटी नौका) में सफर करना पड़ रहा है। इस बीच, और भी दुखद तस्वीरें सामने आई हैं। मौत के बाद भी घाटल के लोगों को चैन नहीं मिलता दिख रहा है। पानी भरी सड़क से श्मशान घाट तक पहुंचने का कोई रास्ता न होने की वजह से परिवार वालों को शवों को डिंगी में रघुनाथ चौक श्मशान घाट ले जाना पड़ा। उसके बाद वहीं अंतिम संस्कार किया गया। बाढ़ से प्रभावित लोगों की शिकायत है कि दिन ब नदिन पानी जमा होने से लेकर रोज़मर्रा की ज़रूरतों तक हर चीज़ में दिक्कत हो रही है। ऊपर से, किसी अपने की मौत होने पर उसका अंतिम संस्कार करना भी एक बड़ी चुनौती बन रहा है। उल्लेखनीय है कि घाटल में पानी भरने की यह तस्वीर नई नहीं है। पहले भी बाढ़ वाले इलाकों में श्मशान घाट पानी में डूब जाते थे, जिससे परिवारों को लाशें लेकर दूर-दराज के इलाकों में जाना पड़ता था। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में नावों या स्पीडबोट से मदद पहुंचाने के इंतज़ाम का भी ऐलान किया है। घाटल के लोग पानी भरने के पक्के हल की मांग कर रहे हैं। उनका सवाल है - उन्हें कब तक ऐसे ही पानी से जूझना और जीना पड़ेगा?

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