पश्चिम बंगाल

TET पास उम्मीदवारों का प्राइमरी एजुकेशन बोर्ड ऑफिस के बाहर हल्ला-बोल

भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और वैकेंसी बढ़ाने की मांग तेज

प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में देरी को लेकर असंतोष चरम पर है। 2022 और 2023 में टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करने वाले अभ्यर्थियों ने गुरुवार को प्राइमरी एजुकेशन बोर्ड के कोलकाता स्थित कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि बोर्ड तुरंत भर्ती प्रक्रिया शुरू करे और उपलब्ध रिक्तियों की संख्या बढ़ाई जाए।

बोर्ड ने 25 सितंबर को राज्यभर के प्राथमिक विद्यालयों में 13,421 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था। हालांकि लगभग 49 दिन बीत जाने के बावजूद न तो आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई है और न ही आगे की कोई आधिकारिक घोषणा की गई है। इससे उम्मीदवारों में रोष बढ़ गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 2022 में पांच साल बाद TET आयोजित की गई थी, लेकिन इसके बाद भी कोई सीधी भर्ती नहीं हुई। अभ्यर्थियों की मांग है कि जब भर्ती प्रक्रिया शुरू हो, तो वैकेंसी की संख्या बढ़ाई जाए। उनका तर्क है कि इस बार भर्ती में सिर्फ 2022 और 2023 ही नहीं, बल्कि 2014 और 2017 के TET पास उम्मीदवार भी शामिल होंगे। ऐसे में 13,421 पदों के मुकाबले योग्य उम्मीदवारों की संख्या कहीं अधिक है, जिससे कई अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया से बाहर हो सकते हैं।

बोर्ड द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार प्राथमिक शिक्षक भर्ती में कुल 50 अंकों के मूल्यांकन का प्रावधान है। इसके तहत माध्यमिक परीक्षा के लिए 5 अंक, हायर सेकेंडरी के लिए 10 अंक, NCTE-मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण के लिए 15 अंक, TET के लिए 5 अंक, अतिरिक्त सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के लिए 5 अंक, इंटरव्यू के लिए 5 अंक और एप्टीट्यूड टेस्ट के लिए 5 अंक निर्धारित किए गए हैं। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू नहीं की गई, तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।

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