शुभेंदु अधिकारी 
पश्चिम बंगाल

शुभेंदु ने डीए को लेकर तृणमूल सरकार पर साधा निशाना

कहा- डीए अब कोई लंबित मामला नहीं, सुप्रीम कोर्ट में बंद हो चुका चैप्टर है

कोलकाता : विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति गरमाने लगी है। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया है कि तृणमूल सरकार ने आपदा राहत कोष का पैसा लूटा है और पिछले 15 वर्षों से विधानसभा में सीएजी रिपोर्ट तक पेश नहीं की गई, जो वित्तीय पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। शुभेंदु अधिकारी ने 2021 के केंद्रीय बजट में घोषित “चा सुंदरी प्रोजेक्ट” का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इसके लिए 1000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, ताकि बंगाल, असम और मेघालय के बंद पड़े चाय बागानों के मजदूरों को इसका लाभ मिल सके। इसके लिए राज्य स्तर पर कमेटी बनाना जरूरी था, लेकिन बंगाल सरकार ने चार साल में भी कमेटी नहीं बनाई, जिससे हजारों चाय मजदूर लाभ से वंचित रह गए। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल नेताओं द्वारा लोगों को डराया जा रहा है कि अगर वे भाजपा को वोट देंगे तो उन्हें घर नहीं मिलेगा जबकि केंद्र सरकार ने गैस कनेक्शन और शौचालय समेत कई लाभ लोगों को बिना किसी सिफारिश के दिए हैं। डीए के मुद्दे पर शुभेंदु ने कहा कि डीए अब कोई पेंडिंग मामला नहीं रहा। शुभेंदु ने कहा कि डीए सुप्रीम कोर्ट में एक बंद चैप्टर है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि फंडामेंटल राइट्स की रक्षा होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने एरियर के साथ डीए का पेमेंट कैसे किया जाना चाहिए, इसकी पूरी आउटलाइन दी है। अगर मार्च तक 25 प्रतिशत पैसा नहीं दिया गया, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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