कोलकाता : राज्य के अंतरिम बजट में विभिन्न अलाउंस बढ़ाने और नई योजनाओं की घोषणाओं को लेकर विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने सरकार पर जोरदार हमला बोला है। शुक्रवार को विधानसभा और बाद में पार्टी कार्यालय में अंतरिम बजट को लेकर उन्होंने कहा कि यह कोई पूर्ण बजट नहीं बल्कि केवल वोट ऑन अकाउंट है, जिसे चुनाव से पहले जनता को लुभाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। शुभेंदु अधिकारी के अनुसार, आचार संहिता लागू होने के कारण सरकार इन नई घोषणाओं को लागू ही नहीं कर सकती, इसलिए ये सिर्फ कागजी वादे हैं। गौरतलब है कि गुरुवार को वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने लक्ष्मी भंडार योजना के तहत मिलने वाली राशि में 500 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की थी। इसके अलावा आशा वर्कर्स के अलाउंस में 1,000 रुपये की वृद्धि और ‘बांग्लार युवासाथी’ योजना के तहत 21 से 40 वर्ष के सेकेंडरी पास युवाओं को हर महीने 1,500 रुपये भत्ता देने की बात कही है। इन घोषणाओं पर सवाल उठाते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि वोट ऑन अकाउंट का उद्देश्य केवल चल रही योजनाओं को जारी रखना होता है, न कि नई योजनाएं शुरू करना। उन्होंने कहा कि मई में नई सरकार बनने के बाद ही पूरा बजट पेश किया जाएगा और तब तक किसी भी नई योजना को लागू करना संभव नहीं है। विपक्ष के नेता ने बेरोजगारी भत्ते की घोषणाओं को भी भ्रामक बताया। उन्होंने पुराने उदाहरणों का हवाला देते हुए कहा कि पहले भी बेरोजगार युवाओं से आवेदन मंगवाए गए थे, लेकिन कुछ को ही लाभ मिला और बाद में योजना ठंडे बस्ते में चली गई। शुभेंदु ने आरोप लगाया कि राज्य में नौकरी नहीं है और सरकार केवल भत्तों के नाम पर लोगों को गुमराह कर रही है।