कोलकाता : उत्तर बंगाल में बाढ़ और भूस्खलन की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सार्वजनिक प्रशंसा कर माकपा के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। भाजपा सरकार के एक प्रशासनिक कदम की खुले मंच से की गई सराहना ने न केवल राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा है, बल्कि वाम खेमे के भीतर भी असहजता बढ़ा दी है।
हाल ही में सिलीगुड़ी में सलीम ने कहा कि नई सरकार ने उत्तर बंगाल में संभावित बाढ़ और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए समय रहते समीक्षा बैठक कर सकारात्मक पहल की है। उन्होंने कहा कि राजनीति से ऊपर उठकर अच्छे काम की सराहना होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की प्रस्तावित श्वेतपत्र पहल का समर्थन करते हुए राज्य में फैले अवैध हथियारों और करोड़ों रुपये के काले धन के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की भी मांग की।
सलीम का यह रुख इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि कुछ दिन पहले विधानसभा में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एकमात्र वाम विधायक मुस्ताफिजुर रहमान (राना) को "जेंटलमैन" बताते हुए उनकी प्रशंसा की थी। अब सलीम की टिप्पणी को उसी क्रम की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
वाम सूत्रों के अनुसार, भाजपा के प्रति पार्टी की पारंपरिक राजनीतिक लाइन से अलग दिख रहे इस बयान ने कार्यकर्ताओं के एक वर्ग में सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि सलीम समर्थकों का तर्क है कि किसी सकारात्मक प्रशासनिक पहल की सराहना को वैचारिक समझौते के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। फिलहाल इस मुद्दे ने अलीमुद्दीन स्ट्रीट में नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है और राजनीतिक गलियारों में इसके दूरगामी संकेतों को लेकर चर्चाएं तेज हैं।