कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की अंतिम मतदाता सूची शनिवार को जारी कर दी गई। इस सूची में कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों के नाम भी शामिल हैं, जिनमें नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन, प्रख्यात कवि जय गोस्वामी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परिवार के सदस्य, जिनमें चंद्र कुमार बोस प्रमुख हैं, शामिल हैं।
शांतिनिकेतन से अमर्त्य सेन के एक करीबी सहयोगी ने पुष्टि की कि उनका नाम अंतिम सूची में दर्ज है और सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। जय गोस्वामी की पुत्री ने भी जानकारी साझा की कि उनके पिता का नाम सुरक्षित है और यह परिवार के लिए राहत की खबर है। नेताजी के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस ने कहा कि उनके और उनके परिवार के अन्य सदस्यों के नाम भी सूची में शामिल हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि अनावश्यक नोटिस ने प्रतिष्ठित लोगों को मानसिक असुविधा दी, लेकिन अंततः नाम सूची में बने रहना संतोषजनक है।
इससे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग द्वारा इन विशिष्ट हस्तियों को नोटिस भेजे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने इसे बंगाल की प्रतिष्ठा और सम्मान पर आघात बताया।
अंतिम सूची जारी होने के बाद इस मुद्दे को लेकर चल रही राजनीतिक बहस कुछ हद तक शांत हुई है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। मतदाता सूची में प्रतिष्ठित व्यक्तियों के नामों के संरक्षण और नोटिस प्रक्रिया के सवालों पर राजनीति और चर्चा जारी रहने की संभावना है।
कुल मिलाकर, बंगाल में मतदाता सूची का यह संशोधन न केवल आम मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण रहा, बल्कि समाज और राजनीति में प्रतिष्ठित व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा को लेकर भी चर्चा का विषय बना।