मिथुन चक्रवर्ती  
पश्चिम बंगाल

मिथुन का उत्तर बंगाल से बड़ा बयान, कहा...

पार्टी इस बार सत्ता परिवर्तन के मूड में

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव का काउंटडाउन शुरू होते ही सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। SIR विवाद से पहले ही गरम माहौल के बीच भाजपा ने जमीनी स्तर पर अपनी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। उत्तर बंगाल से चुनावी अभियान की कमान संभालते हुए मिथुन चक्रवर्ती ने साफ संकेत दिए हैं कि पार्टी इस बार सत्ता परिवर्तन के मूड में है। वहीं, लंबे समय से शांत रहे दिलीप घोष भी संगठन को मजबूत करने के लिए नई भूमिका में लौटते नजर आ रहे हैं।

पश्चिम बंगाल में चुनावी बिगुल बज चुका है और राजनीतिक गतिविधियां रफ्तार पकड़ रही हैं। इसी कड़ी में अभिनेता व भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती ने शुक्रवार से उत्तर बंगाल के कई जिलों में कैंपेन की शुरुआत कर दी। उत्तर बंगाल पहुंचते ही उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया है कि अमित शाह ने टारगेट सेट कर दिया है। इस बार सरकार हमारी होगी। कितनी सीटें मिलेंगी, यह मैं नहीं कह सकता, लेकिन सरकार भाजपा ही बनाएगी। कूचबिहार में संगठनात्मक समीक्षा बैठकों और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद के बाद मिथुन का आत्मविश्वास साफ झलक रहा है। पार्टी कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को धूपगुड़ी में बैठक के बाद वे शनिवार को कर्सियांग जाने वाले हैं। दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त पर अभिषेक बनर्जी की टिप्पणी और अमित शाह के बंगाल दौरे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया पर मिथुन ने कहा कि यह लोकतंत्र है, हर किसी को अपनी बात कहने का अधिकार है। लेकिन इतना तय है कि इस बार हम सरकार बना रहे हैं।

इधर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद दिलीप घोष भी नए तेवर में नजर आ रहे हैं। लंबे समय से चुप्पी साधे रखने के बाद उनके फिर से सक्रिय राजनीति में लौटने के संकेत मिल रहे हैं। शुक्रवार को पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष साल्ट लेक स्थित भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक बैठक में शामिल हुए। भाजपा के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, दिलीप घोष को पूरे राज्य में संगठन को मजबूत करने की अहम जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। मिथुन के उत्तर बंगाल दौरे और दिलीप घोष की सक्रियता से साफ है कि भाजपा आने वाले चुनावों को लेकर पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है।

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