सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : बीते कुछ दिनों से आये दिन मेट्रो सेवाएं बाधित हो रही हैं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य रूप से ब्लू लाइन में तकनीकी समस्याओं के कारण मेट्रो संचालन प्रभावित हो रहा है। कभी इंजन या सिग्नल सिस्टम में खराबी, तो कभी अन्य तकनीकी कारणों से ट्रेनें समय पर नहीं चल पा रही हैं, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। हाल ही में साॅल्टलेक सेक्टर 5 से हावड़ा मैदान तक ग्रीन लाइन पूरी तरह जुड़ने के बाद ब्लू लाइन की मेट्रो में यात्रियों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। यात्रियों की शिकायत है कि बढ़ती भीड़ और तकनीकी समस्याओं के कारण मेट्रो की नियमित सेवा प्रभावित हो रही है।
काफी देर से स्टेशनों पर आ रही है मेट्रो
कुछ दिनों से देखा जा रहा है कि मेट्रो ट्रेन स्टेशनों पर काफी देरी से पहुंच रही है, जिससे स्टेशन पर भीड़ बढ़ती चली जाती है। कई बार ऐसा देखा जा रहा है कि एक दिशा से कई मेट्रो ट्रेन निकल गईं, मगर दूसरी दिशा में यात्री 15 से 20 मिनट से मेट्रो का इंतजार कर रहे होते है। कई बार तो मेट्रो स्टेशनों पर 5 से 10 मिनटों तक मेट्रो से गेट खुले रहते हैं। कुल मिलाकर इन दिनों मेट्रो को लेकर यात्री कई तरह से परेशान हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह आए दिन की समस्या हो गई है। लोगों का कहना है कि पहले मेट्रो से यात्रा करने पर समय की बचत होती थी, मगर अब डर लगता है कि कहीं मेट्रो से भी देर नहीं हो जाए। ऐसे में कई बार बस से यात्रा करना ज्यादा बेहतर लगता है, ऐसा यात्रियों का कहना है।
क्या कहा रेलवे बोर्ड के सदस्य ने
रेलवे बोर्ड के सदस्य हितेंद्र मल्होत्रा (परिचालन एवं व्यवसाय विकास), ने गुरुवार को कोलकाता में चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सदस्यों के साथ एक बैठक के दौरान हाल की मेट्रो घटनाएं जैसे कुछ दिनों से मेट्रो सेवा के बाधित होने के बारे में सवाल उठाए गए। उन्होंने बताया कि मेट्रो रेलवे प्रत्येक घटना का सूक्ष्मता से विश्लेषण कर रही है और सुधार की दिशा में काम कर रही है। मेट्रो रेलवे के महाप्रबंधक वरिष्ठ अधिकारियों की अपनी टीम के साथ विस्तृत चर्चा कर रहे हैं और सुधार के लिए एक कार्य योजना तैयार कर रहे हैं। हितेंद्र मल्होत्रा ने आश्वासन दिया कि जल्द ही सुधार दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि शून्य विफलता की गारंटी नहीं दी जा सकती, लेकिन विफलताओं को न्यूनतम करने के लिए सभी प्रयास किये जा रहे हैं।