कलिता माझी कलिता माझी
पश्चिम बंगाल

बर्तन मांजने वाली कलिता माझी को मिला भाजपा का टिकट

फिर बनीं उम्मीदवार

कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने 144 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची में कई बड़े नाम शामिल हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा पूर्वी वर्धमान जिले की आउसग्राम सीट से उम्मीदवार बनाई गईं कलिता माझी की हो रही है। कलिता माझी पेशे से घरेलू कामगार हैं और दूसरों के घरों में बर्तन मांजकर अपना जीवनयापन करती हैं। उनकी मासिक आय महज 3 से 4 हजार रुपये के बीच है। उनके पति सुब्रतो माझी प्लंबर का काम करते हैं। बेहद साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाली कलिता को भाजपा ने लगातार दूसरी बार टिकट देकर उन पर भरोसा जताया है। इससे पहले वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में भी कलिता माझी ने आउसग्राम सीट से चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में उन्हें 88,577 वोट मिले थे और वह बेहद कम अंतर से हार गई थीं। हार के बाद वे फिर अपने पुराने काम में लौट गई थीं, लेकिन पार्टी से जुड़ी रहीं। कलिता कई वर्षों से भाजपा की सक्रिय सदस्य हैं। उन्हें खुद भी उम्मीद नहीं थी कि पार्टी उन्हें दोबारा उम्मीदवार बनाएगी। उनकी मेहनत और आत्मसम्मान की सराहना Narendra Modi भी कर चुके हैं। प्रधानमंत्री ने उन्हें राजनीति में एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया था। हालांकि, इस बार उनकी उम्मीदवारी के साथ एक कानूनी विवाद भी जुड़ गया है। चुनाव आयोग की मतदाता सूची में उनका नाम ‘विचाराधीन’ श्रेणी में रखा गया है। इस मुद्दे पर टीएमसी ने भाजपा और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं और मिलीभगत का आरोप लगाया है। वहीं भाजपा ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। कलिता माझी ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए हैं और उन्हें चुनाव लड़ने में कोई परेशानी नहीं होगी। अपने चुनावी एजेंडे पर बात करते हुए कलिता कहती हैं कि गरीब परिवार से होने के कारण वह आम लोगों की समस्याओं को अच्छी तरह समझती हैं। उनके प्रमुख मुद्दों में स्वास्थ्य और शिक्षा शामिल हैं। वह अपने क्षेत्र में एक अस्पताल बनवाना चाहती हैं ताकि लोगों को इलाज के लिए दूर न जाना पड़े। इसके साथ ही वह गरीब बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा सुविधाएं सुनिश्चित करना चाहती हैं।

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