बारासात मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शारद्वत मखर्जी 
पश्चिम बंगाल

बारासात मेडिकल कॉलेज के औचक निरीक्षण में स्वास्थ्य मंत्री सख्त, अव्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी

इमरजेंसी और सर्जिकल वार्ड का लिया जायजा

बारासात : पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शारद्वत मखर्जी ने गुरुवार को बारासात मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई और रखरखाव की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मिली कई खामियों पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। सूत्रों के अनुसार, बारासात मेडिकल कॉलेज के वार्ड मास्टर सहित कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस (शो-कॉज) जारी किया गया है और 24 घंटे के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने इमरजेंसी, प्रसूति और सर्जिकल वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान वार्डों में गंदगी, दवाइयों के रैक पर जमी धूल, बाथरूमों की बदहाल स्थिति और अस्पताल परिसर में बिल्लियों की आवाजाही पर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की छत पर जाने के लिए उन्हें करीब 20 मिनट तक इंतजार भी करना पड़ा, क्योंकि संबंधित चाबी समय पर उपलब्ध नहीं हो सकी। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और मरीजों के परिजनों से भी बातचीत की। परिजनों ने उपचार व्यवस्था को संतोषजनक बताया, लेकिन साफ-सफाई और रखरखाव को लेकर शिकायतें दर्ज कराईं। इस पर मंत्री ने स्पष्ट कहा कि मरीजों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना अस्पताल प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। पत्रकारों से बातचीत में डॉ. मुखोपाध्याय ने कहा कि अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं को लेकर कोई बड़ी शिकायत सामने नहीं आई, लेकिन स्वच्छता, हाइजीन और रखरखाव के स्तर में गंभीर कमियां मिली हैं। उन्होंने कहा कि अब स्वास्थ्य व्यवस्था की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है और इसमें सुधार उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।


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