ग्रेटर नोएडा की निर्माणाधीन इमारत की 37वीं मंजिल से गिरकर दो मजदूरों की दर्दनाक मौत 
पश्चिम बंगाल

निर्माणाधीन इमारत की 37वीं मंजिल से गिरकर पश्चिम बंगाल के दो मजदूरों की मौत

हादसे के बाद ठेकेदार हिरासत में, पुलिस तकनीकी खामी या लापरवाही की जांच में जुटी, ऊंची इमारतों पर काम कर रहे श्रमिकों की सुरक्षा पर बहस तेज

Goutam Ojha

ग्रेटर नोएडाः ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-152 स्थित निर्माणाधीन एटीएस पिक्चरेस्क रेप्रिव (ATS Pious Hideaways/ATS Picturesque Reprieves) परियोजना में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। ऊंचाई पर काम कर रहे दो मजदूर अचानक नीचे गिर गए, जिससे उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और अन्य मजदूरों में दहशत फैल गई। दोनों मृतक पश्चिम बंगाल के निवासी बताए गए हैं।

घटना की सूचना मिलते ही निर्माणाधीन परियोजना में कार्यरत अन्य मजदूर मौके पर जुट गए। निर्माण स्थल पर मौजूद लोगों ने घायल मजदूरों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

37वीं मंजिल पर काम के दौरान टूटी सेफ्टी बेल्ट

जानकारी के अनुसार, टावर-23 की 37वीं मंजिल पर शटरिंग का काम चल रहा था। मजदूर रईसुल हक (24) और अब्दुल समद (45) ऊंचाई पर कार्य कर रहे थे। बताया जा रहा है कि काम के दौरान उनकी सेफ्टी बेल्ट अचानक टूट गई, जिससे दोनों संतुलन खो बैठे और नीचे गिर गए।

गंभीर रूप से घायल दोनों मजदूरों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।

पुलिस ने शुरू की जांच, ठेकेदार हिरासत में

घटना की सूचना मिलने पर थाना नॉलेज पार्क पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और मामले की जांच शुरू कर दी।

डीसीपी ग्रेटर नोएडा प्रवीण रंजन सिंह ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसा केवल तकनीकी कारणों से हुआ या सुरक्षा मानकों में किसी प्रकार की लापरवाही बरती गई थी।

पुलिस के अनुसार, अभी तक मृतकों के परिजनों की ओर से किसी के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। हालांकि, जांच के दौरान यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

हादसे के बाद निर्माण स्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। ऊंची इमारतों में काम करने वाले मजदूरों के लिए सुरक्षा बेल्ट और अन्य सुरक्षा उपकरण सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं। ऐसे में सेफ्टी बेल्ट टूटने की घटना निर्माण कंपनी और ठेकेदार की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर प्रश्नचिह्न लगा रही है।

SCROLL FOR NEXT