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पश्चिम बंगाल

बदली पर सरकारी कर्मचारियों को मिल सकता है 50 हजार रुपये तक का अनुदान

मधुर, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : सरकारी कर्मचारियों के लिए बदली से जुड़ी आर्थिक सहायता में बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने मौजूदा ‘ट्रांसफर ग्रांट’ और ‘पैकिंग अलाउंस’ को समाप्त कर इसके स्थान पर ‘कंपोजिट ट्रांसफर एंड पैकिंग ग्रांट’ लागू करने का फैसला किया है। यह व्यवस्था 1 जून 2026 या उसके बाद जनहित अथवा सरकारी आवश्यकता के तहत बदली होकर नई जगह कार्यभार संभालने वाले सरकारी कर्मचारियों पर लागू होगी।

नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी को अधिकतम 50,000 रुपये या उसके मूल वेतन का 80 प्रतिशत, दोनों में से जो राशि कम होगी, उतना अनुदान दिया जाएगा। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य बदली के दौरान कर्मचारियों को सामान स्थानांतरित करने और पैकिंग से जुड़े खर्च के लिए सरल तरीके से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।

रसीद या वाउचर देने की जरूरत नहीं

‘कंपोजिट ट्रांसफर एंड पैकिंग ग्रांट’ एकमुश्त अनुदान होगा। इसे प्राप्त करने के लिए कर्मचारी को किसी प्रकार की रसीद या वाउचर जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, अनुदान के लिए कर्मचारी का कुछ मात्रा में निजी सामान या लगेज लेकर नई जगह जाना जरूरी होगा।

परिवार को स्थानांतरित करना जरूरी नहीं

यदि कर्मचारी अपने परिवार को नई जगह स्थानांतरित नहीं करता, लेकिन अपना निजी सामान साथ ले जाता है, तब भी वह इस अनुदान का पात्र होगा। निजी सामान की मात्रा कितनी है, इसका अनुदान की राशि पर कोई असर नहीं पड़ेगा। साथ ही, सामान के परिवहन पर कर्मचारी ने अलग से कोई खर्च दावा किया है या नहीं, यह भी पात्रता के लिए महत्वपूर्ण नहीं होगा।

30 किलोमीटर की दूरी पर पूरा अनुदान

एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन पर बदली के मामले में यदि दोनों स्टेशनों के बीच दूरी 30 किलोमीटर या उससे अधिक है और बदली के कारण कर्मचारी को अपना निवास बदलना पड़ता है, तो उसे पूरा कंपोजिट ट्रांसफर एंड पैकिंग ग्रांट मिलेगा। वहीं, यदि बदली पुराने स्टेशन से 30 किलोमीटर से कम दूरी वाले स्टेशन पर होती है या उसी स्टेशन के भीतर बदली होती है, तो कर्मचारी को पूरा अनुदान नहीं मिलेगा। हालांकि, यदि ऐसी बदली के कारण वास्तव में निवास स्थान बदलना पड़ता है, तो अनुदान प्राप्य राशि के एक-तिहाई तक सीमित रहेगा।

किस महीने के वेतन से होगी गणना?

यदि अनुदान की गणना मूल वेतन के 80 प्रतिशत के आधार पर होती है, तो इसके लिए कर्मचारी के नई जगह पर नई पोस्टिंग में कार्यभार संभालने वाले महीने में प्राप्त मूल वेतन को आधार बनाया जाएगा।

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