लाखों श्रद्धालुओं के स्वागत में गंगासागर मेला है तैयार, तैयारी जोरदार
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : सारे तीरथ बार बार गंगासागर एक बार… मान्यता है कि गंगासागर पुण्य स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। मोक्ष की आस में इस बार भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगासागर पहुँचेंगे है। श्रद्धालुओं का आना भी शुरू हो गया है। सागर में प्रशासन की तरफ़ से तैयारियां पूरी है। जल थल वायु से निगरानी होगी।
मेगा कंट्रोल रूम से आउट्रम घाट से सागर तक की निगरानी
मेगा कंट्रोल रूम में 55 से अधिक जॉइंट स्क्रीन लगे हैं। यहाँ से सागर से लेकर कोलकाता के ऑउट्रम घाट तक की निगरानी हो रही है। पीटीएमएस एप्लीकेशन के माध्यम से बस, वेसल, लाँच, एम्बुलेंस सभी की निगरानी की व्यवस्था है।
सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम : लाखों श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए प्रशासन की व्यवस्थाएं दुरुस्त। सुरक्षा से जुड़ी सभी एजेंसियाें ने तैयारियां कर ली है। 20 से अधिक ड्रोन, 12000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती। कोस्ट कार्ड नेवी की टीम की विशेष तैयारी है। जल मार्ग पर सुरक्षा के लिए इस बार बेहद निगरानी होगी। जल थल के साथ ही गंगासागर मेले का आकाश से भी नजरदारी होगी। सीएम ममता बनर्जी ने गंगासागर मेला का हवाई सर्वे करने काे कहा है। ममता बनर्जी ने प्रशासन को हर तरह से सतर्क रहने का निर्देश दिया। कोस्टल गार्ड से चप्पे चप्पे पर नजर रखने की बात कही मेला का हवाई सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया।
मकर संक्रांति पर 24 घंटे पुण्य स्नान
कपिलमुनि मंदिर के महाराज संजय दास के अनुसार पुण्य स्नान 24 घंटे का होगा। 14 जनवरी की सुबह 6.58 से 15 जनवरी 6.58 तक होगा।इस मुर्हत में जो भी स्नान करेंगे वे पुण्य के भागी होेंगे।
कपिल मुनि मंदिर की लाइटिंग है बेहद खास
हर बार ही गंगासागर मेले के दौरान को कपिलमुनि मंदिर को विशेष रूप से लाइटिंग से सजाया जाता है। इस बार भी यहाँ की जगमगाती रोशनी श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है। पूरे मेला प्रांगण को अलग अलग लाइटिंग से सजाया गया है। 3 से अधिक बड़े गेट बनाए गए हैं। सोमवार और मंगलवार दो दिवसीय गंगासागर मेले की तैयारियों का जायजा लेने जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सागर आई थीं तो उन्होंने मंदिर की लाइटिंग का उद्घाटन किया था।
भीड़ में अपनों से बिछड़ने वालों को मिलवाने में मदद करेगा 'परिचय बैंड'
हर साल गंगासागर मेले में लाखों की भीड़ उमड़ती है। दूरदराज़ से भारी संख्या में लोग यहाँ पुण्य स्नान के लिए आते हैं। बुजुर्ग बच्चों का भी हुजूम होता है। इस दौरान अगर कोई भीड़ में अपनों से बिछड़ जाता है तो उन्हें मिलाने की तैयारी भी राज्य सरकार ने की है। यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को खासकर बुजुर्ग बच्चों के हाथों में एक बैंड बाँधी जा रही है। परिचय रिस्ट बैंड में क्यूआर कोड है जिसे स्कैन कर उसके माध्यम से पता लगाने में मदद मिलेगी कि वह मेला परिसर में किस जगह मौजूद है। यह बैंड श्रद्धालुओं को देना शुरू हो गया है। रजिस्ट्रेशन के दौरान वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों के परिवार के सदस्यों के नाम, पता और मोबाइल नंबर बार-कोडेड वॉटरप्रूफ बैंड में संग्रहीत किए जाते हैं। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक हर साल ही गंगासागर मेले के दौरान भीड़ में हजारों की संख्या में गुमशुदगी की शिकायत पुलिस तक आती है, इनमें भारी संख्या में बुजुर्ग और बच्चे शामिल होते हैं।
श्रद्धालुओं का आना शुरू...राज्य के विभिन्न हिस्सों के साथ ही अन्य राज्यों से श्रद्धालुओं आना शुरू हो गया है। गंगासागर मेला 17 जनवरी तक चलेगा। ऐसे में यहां श्रद्धालुओं की काफी भीड़ होती है। मकर संक्रांति पर पुण्य स्नान के दिन भीड़ लाखों में होने की संभावना है। यहां आने वालों के लिए ठहरने से लेकर अन्य सभी तरह की जरूरी व्यवस्थाएं की गयी है।
ताकि होती रहे बात, जगह – जगह चार्जिंग प्वाइंट : मेले प्रांगण में जगह जगह पर चार्जिंग प्वाइंट का इंतजाम किया गया है। इसके लिए मेला में कई कैंप लगाये गये है। हर तरह के मोबाइल चार्जिंग की व्यवस्था उपलब्ध है। यह सेवा 24 घंटे की होगी। यहां श्रद्धालु अपने मोबाइल चार्ज कर सकेंगे।