भाजपा नेता दिलीप घोष 
पश्चिम बंगाल

दिलीप घोष ने कहा- तृणमूल के वादे झूठे हैं

उन्होंने कहा कि तृणमूल के वादे आम जनता को गुमराह करने की रणनीति मात्र हैं।

कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले खड़गपुर सीट इस बार खास चर्चा में है। शुक्रवार को भाजपा नेता और खड़गपुर के उम्मीदवार दिलीप घोष ने राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और तृणमूल कांग्रेस के घोषणापत्र पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि तृणमूल के वादे आम जनता को गुमराह करने की रणनीति मात्र हैं। उनके अनुसार, पिछले चुनावों में किये गये अधिकांश वादे असल में पूरे नहीं हुए और केवल कागजों तक सीमित रह गये। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा किये गये विभिन्न ऐलानों पर भी घोष ने सवाल उठाये। खासतौर पर भत्तों में बढ़ोतरी के वादे को लेकर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह सब चुनाव से पहले मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश है। भाजपा की ओर से अपने वादों को दोहराते हुए दिलीप घोष ने कहा कि यदि पार्टी सत्ता में आती है तो लंबित भर्तियों के लिए उम्मीदवारों की अधिकतम आयु सीमा पांच साल तक बढ़ाई जायेगी। इसके अलावा उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार बनने के 45 दिनों के भीतर महंगाई भत्ता (डीए) से जुड़ा मुद्दा सुलझा लिया जाएगा और 100 दिनों के भीतर खाली पदों को भरने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य के युवा, जो रोजगार के लिए गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में काम कर रहे हैं, उन्हें वापस लाकर यहां रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए घोष ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में बुनियादी ढांचे, दवाइयों और साफ-सफाई की भारी कमी है, जिससे आम लोगों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है।


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