पश्चिम बंगाल

धानतला कांड के दोषी को उम्रकैद, 14 वर्षीय भतीजी से दुष्कर्म में मिली सजा

2003 में दो बसों में महिलाओं से सामूहिक दुष्कर्म व लूटपाट के मामले में काट चुका है 16 साल की जेल

Priti Yadavv

बनगांव : धानतला के चर्चित दुष्कर्म कांड में दोषी करार दिए गए कमलेश बाला को बनगांव सबडिविजन कोर्ट के न्यायाधीश राजीव साहा ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। उसे अपनी 14 वर्षीय भतीजी से दुष्कर्म का दोषी करार दिया गया था। इससे पहले वह वर्ष 2003 में दो बसों में महिलाओं से दुष्कर्म और लूटपाट के मामले में 16 साल की सजा काट चुका है। अदालत के इस फैसले के बाद उसे शेष जीवन जेल में ही बिताना होगा।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, पिछले वर्ष सितंबर में कमलेश जेल से रिहा होकर घर लौटा था। आरोप है कि इसके कुछ समय बाद उसने अपने चचेरे भाई की 14 वर्षीय बेटी को घर में अकेला पाकर उससे दुष्कर्म किया। घटना के दौरान नाबालिग की मां कपड़े धोने के लिए तालाब पर गयी थीं। घर लौटने पर बेटी की तबीयत बिगड़ी देख परिजनों ने उसे बनगांव महकमा अस्पताल में भर्ती कराया। परिवार के अनुसार, नाबालिग करीब 15 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रही। इलाज के बाद घर लौटने पर भी उसकी मानसिक स्थिति प्रभावित रही। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कमलेश को गिरफ्तार किया और मामले की जांच शुरू की।

2003 के धानतला कांड में भी था दोषी

कमलेश का नाम वर्ष 2003 के चर्चित धानतला कांड में भी सामने आया था। 5 फरवरी 2003 को नदिया के धानतला थाना क्षेत्र के आइशमाली में शादी समारोह से लौट रही दो बसों को धान के खेत के पास रोककर महिलाओं से दुष्कर्म, छेड़छाड़ और लूटपाट की घटना हुई थी। घटनास्थल से करीब आधा किलोमीटर की दूरी पर पुलिस चौकी होने के बावजूद वारदात को लेकर पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे थे। मामले ने उस समय राज्य की राजनीति में भी हलचल मचा दी थी। कमलेश ने इस मामले में करीब 16 वर्ष जेल में बिताये थे।

वर्तमान मामले में सरकारी वकील संजय दास ने बताया कि मुकदमे की सुनवाई घटना के करीब एक वर्ष के भीतर पूरी हुई और कुल 19 गवाहों के बयान दर्ज किये गये। अदालत ने कमलेश को उम्रकैद की सजा सुनायी है। वहीं, बचाव पक्ष ने फैसले को उच्च अदालत में चुनौती देने की बात कही है।

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