पश्चिम बंगाल

आरजी कर मामले में गिरफ्तार पूर्व चेयरमैन को कोर्ट ले जाते वक्त हंगामा, प्रदर्शनकारियों ने फेंके अंडे-पत्थर

चोर-चोर’ के नारों से गूंजा इलाका

खड़दह : आरजी कर मामले में बेंगलुरु से गिरफ्तार पानीहाटी नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन सोमनाथ दे को शुक्रवार तड़के पश्चिम बंगाल लाया गया। दोपहर में उन्हें खड़दह थाने से बैरकपुर अदालत में पेश करने के लिए ले जाया जा रहा था, तभी प्रदर्शनकारियों ने उनके वाहन को घेर लिया। इस दौरान सोमनाथ दे को निशाना बनाकर अंडे, ईंट और पत्थर फेंके गए तथा लोगों ने जमकर नारेबाजी की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सोमनाथ दे को सुरक्षा घेरे में रखा था। संभावित हमले की आशंका के चलते उनके सिर पर पहले से हेलमेट भी पहनाया गया था। इसके बावजूद थाने के बाहर जमा भीड़ उग्र हो गई और 'चोर-चोर' के नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन करने लगी। हंगामा बढ़ने पर पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा घेरा और मजबूत किया तथा उन्हें तेजी से प्रिजन वैन तक पहुंचाया। इस दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के प्रयास में कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी सूचना है। इसके बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्हें बैरकपुर अदालत ले जाया गया।

लंबे समय से था फरार

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए सोमनाथ दे लगातार अपने ठिकाने और मोबाइल नंबर बदल रहे थे। आखिरकार खड़दह थाना पुलिस ने गुरुवार को बेंगलुरु से उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद ट्रांजिट रिमांड पर उन्हें कोलकाता लाया गया।

पीड़िता के पिता ने दर्ज कराई थी शिकायत

आरजी कर मामले में पीड़िता के शव के कथित तौर पर जल्दबाजी में अंतिम संस्कार और साक्ष्य नष्ट करने के आरोपों को लेकर नए सिरे से जांच शुरू हुई थी। इस मामले में पानीहाटी के पूर्व विधायक निर्मल घोष, पूर्व पार्षद संजीव मुखोपाध्याय और तत्कालीन चेयरमैन सोमनाथ दे के खिलाफ पीड़िता के पिता ने खड़दह थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। मामले में निर्मल घोष और संजीव मुखोपाध्याय को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और दोनों को जमानत मिल चुकी है। हालांकि, निर्मल घोष एक अन्य मामले में अब भी जेल में बंद हैं। वहीं, लंबे समय से पुलिस की पकड़ से दूर चल रहे सोमनाथ दे की बेंगलुरु से गिरफ्तारी के बाद इस मामले में जांच आगे बढ़ी है।

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