मुफ्त में मिट्टी कटाई करने को एजेंसियों को दिया टेंडर
कोलकाता . बंगाल सरकार अब तक प्रदेश के विभिन्न नदी, नाले और नहरों की खुदाई पर सैकड़ों करोड़ रुपए खर्च करती आ रही थी। लेकिन इस बार ऐसी योजना बनाई है जिससे नहरों की ड्रेजिंग पर अब पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे। बल्कि इससे राज्य सरकार को कमाई होगी। पहले चरण में राज्य सरकार को 112 करोड़ रुपए की आय होने की उम्मीद है। साथ ही राज्य का सालाना 500 करोड़ रुपए का खर्च भी बच जाएगा। इस संबंध में राज्य के सिंचाई मंत्री मानस भुइयां ने बुधवार को कहा कि प्रदेश की नहरें मुफ्त में काटी जाएंगी और बदले में राज्य को राजस्व मिलेगा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में राज्य सिंचाई विभाग ने यह अभूतपूर्व पहल की है।
नहीं होती है नियमित नदियों की सफाई
राज्य के सिंचाई मंत्री ने इस नई परियोजना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में कई नहरों और छोटी नदियों की नियमित रूप से सफाई नहीं की जाती है। इस मामले में, पर्याप्त धन की कमी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। परिणामस्वरूप, बाढ़ के दौरान पानी ओवरफ्लो हो जाता है और पूरा क्षेत्र जलमग्न हो जाता है। पूरे उत्तर भारत का पानी बंगाल से होकर बहता है, इसलिए स्वाभाविक रूप से, बरसात के मौसम में बंगाल के कई जिलों में बाढ़ की संभावना बढ़ जाती है। हम इस समस्या को रोकने के लिए अभी से तैयारी कर रहे हैं। जिम्मेदार एजेंसी नदी-नालों, नहरों आदि को काटेगी, कुछ मिट्टी ले जाएगी। बदले में राज्य सरकार को रुपए देगी।
राज्य हर साल 226 किलोमीटर ड्रेजिंग की जाती है
इस परियोजना से राज्य को वास्तव में कितना लाभ होगा? आंकड़े पेश करते हुए मंत्री ने कहा, केवल 28 मामलों के लिए, हमें जिम्मेदार एजेंसी से रॉयल्टी और राजस्व मिलेंगे। फलस्वरूप राज्य को 112 करोड़ रुपए प्राप्त होने की उम्मीद हैं। मंत्री ने आगे कहा, राज्य हर साल 226 किलोमीटर ड्रेजिंग की जाती है। सरकार लगभग 500 करोड़ रुपए खर्च करती है! मुख्यमंत्री के इस नए विचार से न केवल इतनी बड़ी धनराशि की बचत संभव हो रही है, बल्कि साथ ही स्थानीय लोगों की जरूरतें भी पूरी हो रही हैं और ड्रेजिंग का काम भी हो रहा है।