कोलकाता : पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट बैठक में 6 अहम फैसले लिए गए। इसमें आयुष्मान भारत योजना को लागू करना और BSF को 45 दिन में जमीन देने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस मौके पर चुनाव आयोग को भी धन्यवाद दिया। कैबिनेट ने राज्य में हिंसा-मुक्त और सफल चुनाव कराने के लिए सभी मतदाताओं और भारत निर्वाचन आयोग का आभार जताया ।
नई पश्चिम बंगाल सरकार की पहली कैबिनेट बैठक ने राज्य में हिंसा-मुक्त और सफल चुनाव कराने के लिए सभी मतदाताओं और भारत निर्वाचन आयोग का आभार जताया। मुख्य मंत्री शुभेंदु अधिकरी ने कहा कि चुनाव के दौरान चुनाव आयोग का काम प्रशंसनीय रहा है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कैबिनेट बैठक के दौरान बताया कि भाजपा सरकार बनने के लिए बलिदान देने वाले 321 कार्यकर्ताओं को आज श्रद्धांजलि दी गई। उन्होंने कहा, "हम उनके परिवारों को न्याय दिलाएंगे। इन भाजपा कार्यकर्ताओं का बलिदान व्यर्थ नहीं गया है। हर कीमत पर इन लोगों को न्याय मिलेगा ।"
शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमावर्ती इलाकों में जनसांख्यिकीय बदलाव को ध्यान में रखते हुए BSF को बॉर्डर फेंसिंग के लिए जमीन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह काम 45 दिन में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
भाजपा ने बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया था कि सत्ता में आने पर राज्य में आयुष्मान भारत स्कीम को लागू किया जाएगा। अब ये वादा पूरा होने जा रहा है। शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि राज्य ने आधिकारिक तौर पर केंद्र की स्वास्थ्य योजना 'आयुष्मान भारत' से जुड़ने का फैसला किया है। मुख्य मंत्री ने कहा कि अब प्रधान मं1ाी की सभी योजनाएं बंगाल में लागू की जाएंगी।
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि पिछली मुख्य मंत्री ममता बनर्जी द्वारा रोकी गई नौकरशाहों की केंद्रीय ट्रेनिंग और तैनाती को मंजूरी दे दी गई है। साथ ही, बंगाल में अब तक लागू न हुई भारतीय न्याय संहिता यानी BNS आज से प्रभावी हो गई है। अब सभी नए केस नए कानून के तहत दर्ज होंगे।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि सरकार ने माना कि 2015 से राज्य में कोई बड़ी भर्ती नहीं हुई। मुख्य मंत्री ने वायदे के मुताबिक नई भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने का ऐलान किया। कैबिनेट बैठक के बाद मुख्य मंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि ये फैसले "नए बंगाल" की दिशा तय करेंगे। विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया का इंतजार है।