बनगांव अदालत में 37वें गवाह के बयान दर्ज किये गये
31 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
उत्तर 24 परगना : सुटिया सामूहिक दुष्कर्म कांड के खिलाफ आवाज उठाने वाले शिक्षक बरुण विश्वास की हत्या के 14 वर्ष बाद इस बहुचर्चित मामले में एक अहम मोड़ आया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से पीड़ित परिवार की मुलाकात के बाद राज्य सरकार ने मामले के लिए देवरंजन बंद्योपाध्याय को विशेष सरकारी वकील नियुक्त किया है। इसके साथ ही लंबे समय से लंबित मुकदमे की सुनवाई में भी तेजी आती दिख रही है। शुक्रवार को बनगांव महकमा अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान 37वें गवाह का बयान दर्ज किया गया। अदालत के अनुसार, इस केस में कुल 76 गवाहों के बयान दर्ज होने हैं, जिनमें अब तक 37 की गवाही पूरी हो चुकी है। मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगी। उस दिन बरुण विश्वास के 85 वर्षीय पिता जगदीशचंद्र विश्वास का बयान दर्ज किया जाएगा। गौरतलब है कि 5 जुलाई 2012 को शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता बरुण विश्वास की गोबरडांगा स्टेशन के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह चर्चित सुटिया सामूहिक दुष्कर्म मामले के प्रमुख गवाहों में शामिल थे। परिवार का आरोप है कि पिछले 14 वर्षों में जांच और मुकदमे की रफ्तार बेहद धीमी रही, जिसके कारण अब तक उन्हें न्याय नहीं मिल सका। मालूम हो कि मामले में आठ आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चल रहा था, जिनमें से एक की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है, जबकि एक नाबालिग आरोपी को पहले ही सजा सुनाई जा चुकी है। विशेष सरकारी वकील की नियुक्ति के बाद बरुण विश्वास के परिवार और सुटिया के लोगों को उम्मीद है कि अब बहुचर्चित हत्याकांड में न्याय की प्रक्रिया तेज होगी।