कोलकाता/कूचबिहार : भाजपा के वरिष्ठ नेता और अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने शुक्रवार को कूचबिहार जिले में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य को जानबूझकर ‘पश्चिमी बांग्लादेश’ में बदलने की कोशिश की जा रही है, लेकिन यह प्रयास कभी सफल नहीं होंगे। मिथुन चक्रवर्ती ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर दिए गए बयानों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यह रवैया इस तरह का है मानो पश्चिम बंगाल कोई अलग देश हो। मिथुन ने कहा कि बांकुड़ा में एक जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने यह दावा किया कि उन्होंने ही गृह मंत्री को कोलकाता के होटल से बाहर आने दिया। यदि वह खुले तौर पर यह कह देतीं कि गृह मंत्री को बंगाल में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा, तो वह दिन देश के लिए विनाशकारी होता।
भाजपा नेता ने फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ का उल्लेख करते हुए कहा कि जैसे 1990 के दशक में कश्मीर घाटी से कश्मीरी पंडितों का पलायन हुआ, वैसे ही माहौल बनाने की कोशिश बंगाल में भी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में हिंदू त्योहारों और धार्मिक अभिव्यक्तियों को लेकर भय का वातावरण पैदा किया जा रहा है। मिथुन चक्रवर्ती ने दावा किया कि प्रसिद्ध गायिका लग्नाजिता चक्रवर्ती को देवी मां की स्तुति में गीत गाने के कारण परेशान किया गया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग भले ही यह सोचते हों कि बंगाल अब बांग्लादेश जैसा बन गया है, लेकिन ऐसा कभी नहीं होगा। जब तक उनके शरीर में खून की एक भी बूंद बाकी है, तब तक यह राज्य कभी बांग्लादेश नहीं बनेगा।
भाजपा नेता ने कहा कि राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने का एकमात्र तरीका यह है कि सभी लोग एक साथ आएं। उन्होंने कांग्रेस, वामपंथी और तृणमूल के ‘विवेकशील’ समर्थकों से आगामी चुनावों में सरकार बदलने के लिए एकजुट होने का आग्रह किया। मिथुन चक्रवर्ती ने आरोप लगाया कि राज्य में उद्योग, रोजगार, निवेश और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का घोर अभाव है। भ्रष्टाचार के अलावा यहां कुछ नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी सरकार ने केंद्र की आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना इसलिए लागू नहीं की, क्योंकि इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता बढ़ती। भाजपा नेता ने दावा किया कि राज्य में भाजपा की सरकार बनते ही सबसे पहले आयुष्मान भारत योजना लागू की जाएगी।