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पश्चिम बंगाल

बनगांव में हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, बांग्लादेश भेजी जा रही खेप के साथ दो गिरफ्तार

बनगांव पुलिस ने 9 एमएम पिस्तौल और मैगजीन के साथ दबोचा

बनगांव : बनगांव थाना पुलिस ने हथियार तस्करी के एक मामले का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक दोनों की पहचान बाजितला निवासी शहिदुल मंडल और फूलतला कलम इलाके के निवासी अनूप खान के रूप में हुई है। उनके पास से एक 9 एमएम पिस्तौल और दो मैगजीन बरामद की गई हैं। प्रारंभिक जांच में हथियार बांग्लादेश भेजे जाने की तैयारी की बात सामने आई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार बुधवार की देर रात सूचना मिलने के बाद बनगांव थाना इलाके में अभियान चलाया गया। तलाशी के दौरान दोनों संदिग्धों को हथियार के साथ पकड़ा गया। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि शहिदुल कथित तौर पर हथियारों की खेप लाकर उन्हें अलग-अलग ठिकानों पर छिपाकर रखता था, जबकि अनूप उन हथियारों को बांग्लादेश समेत विभिन्न इलाकों के अपराधियों तक पहुंचाने का काम करता था। जांच में यह भी सामने आया है कि अनूप पहले भी हथियारों की तस्करी के आरोप में पेट्रापोल थाना, बनगांव थाना और बीएसएफ की कार्रवाई में गिरफ्तार हो चुका है। हालांकि, जेल से बाहर आने के बाद वह कथित तौर पर फिर इसी धंधे में सक्रिय हो गया। पुलिस को हाल में सूचना मिली थी कि वह एक बांग्लादेशी अपराधी को हथियार की खेप पहुंचाने जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर निगरानी और तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें दोनों आरोपी हथियार के साथ पकड़े गए। जांचकर्ताओं के अनुसार पेट्रापोल पोर्ट क्षेत्र में अनूप और उसके पिता तुषार खान की एक दुकान है। आरोप है कि इसी दुकान की आड़ में नशीले पदार्थों की बिक्री समेत अन्य अवैध गतिविधियां चलती थीं। पुलिस का दावा है कि हथियारों की खरीद-बिक्री से जुड़े कुछ लेनदेन भी इसी नेटवर्क के जरिए किए जाते थे। तुषार खान को भी पहले कथित अवैध गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अब इस नेटवर्क की पूरी कड़ी खंगाल रही है। जांच में पता चला है कि आरोपी कथित तौर पर वॉट्सऐप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए बांग्लादेश के अपराधियों से संपर्क करते थे। सौदा तय होने के बाद सीमा के दोनों ओर अलग-अलग लोगों के जरिए पैसे और हथियारों का आदान-प्रदान किया जाता था। जांचकर्ताओं को आशंका है कि यह पूरा नेटवर्क सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचकर लंबे समय से सक्रिय था। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक हथियारों की कितनी खेप सीमा पार भेजी गई और इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।


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