कोलकाता : भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने वोटर सूची संशोधन और रैगिंग के मुद्दे पर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव आयोग का उद्देश्य पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार करना है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से आयोग समय मांग रहा है और तारीखें आगे बढ़ा रहा है। उनके अनुसार, यदि मकसद सही और भरोसेमंद सूची बनाना है तो थोड़ा अतिरिक्त समय लेना गलत नहीं माना जाना चाहिए। अग्निमित्रा पॉल ने आरोप लगाया कि बंगाल सरकार ने पहले दिन से ही अपेक्षित सहयोग नहीं दिया, जिसका खामियाजा अब सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा मांगे गए 11 निर्धारित दस्तावेजों के अलावा भी कई प्रकार के कागजात अपलोड किए गए हैं, यहां तक कि पेपर कटिंग्स तक जमा की गई हैं। बिना उचित सत्यापन के दस्तावेज अपलोड होने से पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं। अग्निमित्रा पॉल ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस आश्वासन पर भी चिंता जताई, जिसमें कथित तौर पर कहा गया है कि किसी का नाम सूची से नहीं कटेगा। उन्होंने कहा कि यदि शिकायतों के बावजूद रोहिंग्या, बांग्लादेशी घुसपैठिए, मृत, ट्रांसफर या डुप्लीकेट वोटरों के नाम वोटर लिस्ट में सुरक्षित रखे जाते हैं, तो यह बेहद चिंताजनक होगा। रैगिंग के मुद्दे पर पॉल ने कहा कि यदि मई 2026 में भाजपा सरकार बनती है तो इस समस्या पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि बेलडांगा घटना की जांच एनआईए कर रही है और जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं, मुख्यमंत्री की बेचैनी बढ़ती दिख रही है।