कोलकाता : राज्य में बिगड़ते हालात को लेकर भाजपा विधायक अग्निमित्रा पाल ने तृणमूल सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए जनता के सामने गंभीर मुद्दे रखे हैं। उन्होंने तृणमूल सरकार पर हमला करते हुए कहा कि 15 साल के शासन के बाद राज्य में लोकतंत्र, रोजगार, शिक्षा और कानून-व्यवस्था बुरी तरह चरमरा चुकी है। अब बंगाल बदलाव चाहता है और 2026 में जनता बेहतर सरकार चुनेगी। उन्होंने कहा कि युवाओं में बेरोजगारी और पलायन बढ़ रहा है, रोजगार सहायता के नाम पर 1,500 रुपये की राशि दी जा रही है। 8,000 से अधिक स्कूल बंद हो चुके हैं और 26,000 शिक्षकों की नौकरियां खत्म हो गईं। भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे मंत्री फिर से बहाल किए जा रहे हैं। अग्निमित्रा पाल ने कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बेलडांगा हिंसा के दौरान पुलिस निष्क्रिय रही और मुख्यमंत्री ने निंदा तक नहीं की। सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ की समस्या बनी हुई है। आनंदपुर अग्निकांड में 30 लोगों की मौत के बावजूद किसी पर जवाबदेही तय नहीं हुई। उन्होंने बजट पर तंज कसते हुए कहा कि शिक्षा और उद्योग उपेक्षित हैं, जबकि तुष्टीकरण पर खर्च बढ़ रहा है। महिलाओं की योजनाओं के बावजूद ड्रॉपआउट, बाल विवाह और तस्करी बढ़ी है।