दो स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत
नदिया : नदिया के हरिणघाटा थाना क्षेत्र के नगरउखड़ा 1 नंबर ग्राम पंचायत के हांड़िपाड़ा सातबेरिया इलाके में तीन माह के एक शिशु की मौत को लेकर सनसनी फैल गई। बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने स्वास्थ्यकर्मियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिवार का दावा है कि टीकाकरण के बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ी और उसे कथित तौर पर मियाद खत्म हो चुका वैक्सीन भी लगाया गया था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। परिजनों के अनुसार, 13 अगस्त को हांड़िपाड़ा घोषपाड़ा हेल्थ सेंटर में ऋषभ दास को पोलियो समेत कई टीके लगाए गए थे। उनका आरोप है कि टीका लगने के बाद से ही बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी। शरीर के अलग-अलग हिस्सों में सूजन आने पर पहले उसे स्थानीय चिकित्सक के पास ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर 15 अगस्त को उसे बनगांव जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिवार का कहना है कि अस्पताल में चिकित्सकों ने बच्चे के शरीर में संक्रमण फैलने की बात बताई और बेहतर इलाज के लिए कोलकाता ले जाने की सलाह दी। इसके बाद उसे एनआरएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां इलाज के दौरान बच्चे की सर्जरी भी की गई, लेकिन चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद 29 अगस्त को उसकी मौत हो गई।
टीकाकरण के दस्तावेज नहीं देने का भी आरोप
शिशु की मौत के बाद परिजनों ने संबंधित स्वास्थ्यकर्मी बुलु मित्र और सहायक आशा कार्यकर्ता शिखा भौमिक के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाया है। परिवार का दावा है कि टीका देने के बाद मिलने वाले टीकाकरण कार्ड या संबंधित दस्तावेज पर हस्ताक्षर और मुहर होने के बावजूद उन्हें वह कागजात नहीं दिए गए। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद उन्हें रुपये देने का प्रस्ताव दिया गया था। मामले को लेकर नगरउखड़ा पुलिस चौकी में दोनों स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि बच्चे की मौत की वास्तविक वजह सामने लाई जाए और जांच में आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। घटना की जानकारी बागदा की विधायक सोमा ठाकुर, हरिणघाटा के विधायक असीम कुमार सरकार और केंद्रीय राज्यमंत्री शांतनु ठाकुर को भी दी गई है।