राजेश, सन्मार्ग संवाददाता
पूर्व मिदनापुर : पूर्व मिदनापुर के कांथी अदालत ने एक युवक को अपनी पत्नी और सास की हत्या की कोशिश के आरोप में 10 साल जेल की सज़ा सुनाई है। कांथी कोर्ट के फास्ट ट्रैक सेकंड कोर्ट के जज नूरुज्जमां अली ने दोषी संतोष राउत को यह सज़ा सुनाई। जज ने संतोष को अपनी पत्नी और सास की हत्या की कोशिश के मामले में IPC की धारा 307 और 326 के तहत दोषी पाया।
पुलिस ने बताया कि संतोष का घर पटाशपुर के मिर्जापुर गांव में है। उसका ससुराल स्थानीय साया गांव में है। शादी के बाद से ही संतोष का अपनी पत्नी ममता से लगातार झगड़ा चल रहा था। घटना से कुछ दिन पहले, परिवार में अनबन की वजह से ममता अपने बेटे के साथ अपने पिता के घर चली गई। घटना वाली रात 30 मई, 2019 को संतोष अपनी पत्नी को वापस लाने के लिए अपने ससुराल गया। जब उसकी पत्नी ने लौटने से मना कर दिया, तो उसने उसे ज़बरदस्ती खींचकर ले जाने की कोशिश की। जब सास नमिता पांडा ने विरोध किया, तो संतोष ने अपनी पत्नी की गर्दन और सास के हाथ पर हंसूवे से वार कर भाग गया। जिसे लेकर पटाशपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई। सरकारी वकील दीपक मिश्रा ने कहा, "जज ने संतोष राउत को अपनी पत्नी और सास की हत्या करने की कोशिश करने के जुर्म में एक धारा के तहत 10 साल और दूसरे धारा के तहत 7 साल जेल की सज़ा सुनाई।"