बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बुलंदशहर में 574 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में हुए विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था में सुधार का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब पिछड़े राज्यों की श्रेणी से निकलकर देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में भय और असुरक्षा का माहौल था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय कई जिलों में दंगे और कर्फ्यू जैसी स्थिति सामान्य बात थी तथा महिलाओं, व्यापारियों और आम नागरिकों में असुरक्षा की भावना बनी रहती थी।
उन्होंने बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ और अलीगढ़ जैसे जिलों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में कानून-व्यवस्था गंभीर चुनौती बनी हुई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई परिवार अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते थे। वहीं व्यापारी भी कारोबार के दौरान खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते थे।
उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है और लोगों का विश्वास कानून-व्यवस्था पर बढ़ा है। योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश के कई जिलों में माफियाओं का प्रभाव था और सरकारी तंत्र पर भी उनका दबदबा देखने को मिलता था।
उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने अपराध और माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है तथा कानून का राज स्थापित करने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में न दंगे हैं और न ही कर्फ्यू जैसी स्थिति है।
उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार ने अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की है। साथ ही कहा कि महिलाओं और व्यापारियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।