योगी आदित्‍यनाथ  
उत्तर प्रदेश

योगी का आरोप- राहुल गांधी भारत की विरासत और परंपरा को बदनाम कर रहे

योगी का राहुल गांधी पर तीखा हमला, मनुस्मृति बयान के बहाने विरासत, परंपरा और लोकतांत्रिक जिम्मेदारी पर उठाए सवाल

रायबरेली : उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने सोमवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के मनु स्‍मृति वाले बयान की तीखी आलोचना करते हुए उनसे सवाल किया कि वह क्‍यों अर्बन नक्सलियों के हाथों भारत की वर्तमान पीढ़ी के भविष्य को खराब करना चाहते हैं ?

रायबरेली के सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के गढ़ में मनुस्मृति को लेकर उनके पुणे में दिये गये कथित बयान का जिक्र करते हुए आदित्‍यनाथ ने यह भी कहा कि भारत को राहुल गांधी से व्यक्तिगत तौर पर कोई उम्मीद नहीं है लेकिन लोकसभा में आपके पास जो नेता प्रतिपक्ष का पद है उससे जरूर उम्मीद है।

अपने सवालों को विस्तार देते हुए आदित्यनाथ ने कहा, आप क्‍यों भारत की विरासत को बर्बाद करना चाहते हैं, क्‍यों भारत के भविष्‍य के साथ खिलवाड़ करना चाहते हैं ? आपसे एक जिम्मेदार नेता प्रतिपक्ष के रूप में सकारात्मक भूमिका की अपेक्षा यह देश रखता था, लेकिन आपने उन भूमिकाओं को बर्बाद कर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा, आपने उन जिम्मेदारियों से अपने आपको पूरी तरह अलग कर दिया। अमेठी और रायबरेली इस परिवार को ढोता तो रहा, लेकिन इस क्षेत्र के सामने इस परिवार ने हमेशा पहचान का संकट खड़ा किया।

आदित्यनाथ ने आरोप लगाया, यहां के संस्थानों के नाम, यहां के स्मारकों के नाम, एक परिवार के नाम पर हो जाएं, इनको अच्छा लगता था, लेकिन राना बेनी माधव बख्श सिंह या किसी वीरा पासी के नाम पर आपने या आपके लोगों ने सोचा भी नहीं।

आदित्यनाथ सोमवार को 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के अमर नायक, 'अवध केसरी' राना बेनी माधव बख्श सिंह की 222 वीं जयंती पर रायबरेली में आयोजित 'भाव समर्पण समारोह' को संबोधित कर रहे थे।

इस अवसर पर उन्‍होंने 21 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से नवनिर्मित 'राना बेनी माधव बख्श सिंह स्मृति सभागार' का लोकार्पण, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों व शहीदों के परिजनों का सम्मान तथा 'अवध केसरी स्मारिका' एवं विशेष आवरण (स्पेशल कवर) का विमोचन भी किया।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को पुणे में कांग्रेस के युवा संपर्क कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ में कहा था कि महिलाओं का अपना अस्तित्व है और उनकी पहचान को उनके पिता, पति या बेटों के अधीन नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने मनुस्मृति के उस नियम को ‘शर्मनाक’ बताया, जिसके अनुसार महिला को जीवन के हर चरण में पुरुष रिश्तेदारों के अधीन रहना चाहिए।

आदित्यनाथ ने कहा, मैं रायबरेली के सांसद राहुल गांधी के महाराष्ट्र में दिए एक बयान को पढ़ रहा था, जिसमें उन्‍होंने कहा कि महिलाएं मनु स्‍मृति के बंधन को तोड़कर अब बाहर आ जाएं।

उन्होंने कहा, राहुल जी, एक राहुल गांधी के रूप में आपसे यह देश बहुत अपेक्षा नहीं करता है, कोई अपेक्षा नहीं करता है, लेकिन भारत की संसद में, भारत की सर्वोच्च पंचायत में नेता प्रतिपक्ष के रूप में आप देश के लोकतंत्र के प्रति जवाबदेह बनते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल मनु पर या राम पर या भारत की विरासत पर टिप्पणी करते हैं। उन्होंने कहा कि मनु को जानना है तो 'अथर्ववेद', 'सप्तपदी ब्राह्मण' और 'मत्स्य पुराण' पढ़िये, आपको सारी जानकारी मिल जाएगी।

उन्‍होंने कहा, कौन ऐसा व्‍यक्ति है जिसके जीवन में मां के रूप में या बहन के रूप में या पत्‍नी के रूप में या फिर बेटे के रूप में किसी महिला का संरक्षण उसे न प्राप्त होता हो ? क्‍या कोई बेटी पिता के बगैर, क्‍या कोई बहन भाई के बगैर, क्‍या कोई पत्‍नी पति के बगैर और क्‍या कोई मां बेटे के बगैर अपने अस्तित्‍व को पूर्ण मानती है ?

योगी ने कहा, क्या मनु स्‍मृति ने यह बात कही है ? आप बताइए सही बात क्या है ? आप भारत के बच्चों को उस दिशा में क्‍यों ले जाना चाहते हैं, जहां किसी माता या किसी अन्य को बाद में लज्जित होकर माफी मांगनी पड़े ?

दिल्ली में जंतर-मंतर में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद एक लड़की के माफी मांगने की घटना का जिक्र करते हुए उन्‍होंने कहा कि उसके माता पिता ने भी माना कि उनकी बेटी ने गलत किया।

आदित्‍यनाथ ने कहा कि जो समाज अपने पूर्वजों को विस्मृत करता है, उसका कोई भविष्‍य नहीं होता है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्‍य से भारत की परंपरा और मूल्यों को विस्मृत करके उसको भ्रम में डालकर कुछ लोगों ने भारत के खिलाफ षड्यंत्र करने का एक ठेका सा ले लिया है, जिसे देखकर वह स्तब्ध हैं।

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