गोरखपुर : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि कुछ ताकतें भारत की सनातन संस्कृति और परंपरा को तबाह करना चाहती हैं और देश के नागरिक ऐसे लोगों से सतर्क रहें।
आदित्यनाथ ने बुधवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर परिसर में विगत 23 जुलाई से जारी श्रीराम कथा के विश्राम सत्र और गुरु पूर्णिमा महोत्सव को संबोधित करते हुए लोगों से आह्वान किया है कि वे देश की प्रगति यात्रा में बाधा उत्पन्न करने वालों से सतर्क रहें।
उन्होंने कहा, हम सभी को भारत के खिलाफ होने वाली साजिशों को समझना होगा। कुछ ताकतें भारत की प्रगति यात्रा, सनातन संस्कृति एवं परंपरा को तबाह करना चाहती हैं।
उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर आगाह करते हुए कहा, अपने ही समाज में कालनेमि का रूप धारण कर बैठे देशविरोधी षड्यंत्रकारियों से हम अनभिज्ञ बने रहेंगे तो अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मारने जैसी स्थिति होगी।
आदित्यनाथ ने अगले दो-तीन साल में भारत के दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल हो जाने का दावा करते हुए किसी का नाम लिए बगैर कहा कि अपनी प्रगति यात्रा में भारत ने जिन्हें पछाड़ा, उन्हें अच्छा न लगना स्वाभाविक है।
उन्होंने दावा करते हुए कहा, कई ताकतों को भारत की प्रगति अच्छी नहीं लगती। ऐसी ताकतों ने देश में अस्थिरता, अशांति और अव्यवस्था फैलाने की साजिश शुरू कर दी है।
आदित्यनाथ ने कहा कि 12 वर्ष पूर्व देश के 120 जिलों में नक्सलवाद था लेकिन आज एक भी जिले में नहीं है, ऐसे में नक्सलवाद को प्रेरित एवं प्रोत्साहित करने वाले लोग चैन से बैठने के बजाय दूसरे रूप में और छद्म नामों से आएंगे।
मुख्यमंत्री ने रामायण कालखंड में हनुमानजी की राह रोकने वाले कालनेमि का उदाहरण देते हुए समझाया कि वर्तमान दौर के कालनेमियों से सबको सावधान रहना होगा। ऐसे लोगों से सतर्क रहना होगा जो भारत के खिलाफ षड्यंत्र में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से भागीदार रहते हैं। उन्होंने कहा कि समाज को एकजुट होकर हुंकार भरनी होगी कि हम देश के खिलाफ किसी भी षड्यंत्र को स्वीकार नहीं करेंगे।