मथुरा : मथुरा के वृन्दावन शहर में पिछले शुक्रवार को यमुना नदी में हुए नौका हादसे में डूबे एक महिला और एक युवक के शव सोमवार सुबह बरामद किये जाने के बाद, इस घटना में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है।
अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण क्षेत्र) सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि सोमवार को तलाश अभियान के दौरान मोनिका नामक महिला का शव मथुरा के बंगाली घाट क्षेत्र में पानी पर उतराता पाया गया। एक और शव वृन्दावन में ही देवरहा बाबा घाट के पास नदी में पाया गया, जिसकी पहचान यश उर्फ युवराज भल्ला (22) के रूप में हुई है।
रावत ने बताया कि हादसे से कुछ ही मिनट पूर्व के एक वीडियो में यश भजन-कीर्तन कर रहे श्रद्धालुओं के साथ ढोल बजाता दिख रहा है। अब केवल पंकज मल्होत्रा नामक व्यक्ति ही लापता है क्योंकि वह भी उसी नाव में सवार था, जो शुक्रवार दोपहर हादसे का शिकार हुई थी।
रावत ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) व प्रांतीय आपदा निवारण बल (SDRF) की कुल 10 टीमें, प्रांतीय सशस्त्र बल (PAC) के गोताखोरों की 6 टीमों सहित पुलिस, अग्निशमन विभाग व स्थानीय गोताखोरों के लगभग 250 लोग हादसे में लापता हुए लोगों की तलाश के लिए अभियान में जुटे हैं।
उन्होंने बताया कि अब अंतिम लापता व्यक्ति पंकज मल्होत्रा की तलाश पूरी होने तक अभियान जारी रहेगा।
वृन्दावन में शुक्रवार दोपहर पंजाब के जगरांव (लुधियाना) से दो बसों में आए श्रद्धालुओं में से अधिकांश दो नावों में सवार होकर यमुना में नौका विहार करते हुए नदी के दूसरे किनारे पर (मांट क्षेत्र में) स्थित देवरहा बाबा की समाधि का दर्शन करने के लिए जा रहे थे।
सूत्रों के मुताबिक, एक नाव का मालिक एवं नाविक पप्पू उर्फ दाऊजी नाव को कुछ ज्यादा ही रफ्तार से ले जा रहा था। दावा है कि नाव में सवार महिलाओं व पुरुषों ने उससे कई बार नाव की गति कम करने का आग्रह किया, परंतु वह नहीं माना और यह कहकर उनकी बात हवा में उड़ा दी कि यह उनका रोज का काम है, कुछ नहीं होगा।
सूत्रों के अनुसार उसी समय नदी में छोड़े गए पीपा पुल के कुछ पीपों से टकरा कर नाव पलट गई, जिससे उस पर सवार श्रद्धालु डूबने लगे और उनकी चीख-पुकार सुनकर नदी व आसपास मौजूद स्थानीय नागरिकों, नाविकों एवं गोताखोरों की मदद से 22 लोगों का बचा लिया गया। इस दौरान 10 लोगों के शव नदी से निकाले गये थे।