मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 
उत्तर प्रदेश

UP : CM योगी आदित्यनाथ का आज से सिंगापुर-जापान दौरा, ऐसा रहेगा 4 दिन का शेड्यूल

यह 2017 की म्यांमा यात्रा के बाद मुख्यमंत्री का पहला विदेश दौरा होगा

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्य को ‘भारत का विनिर्माण केंद्र’ बनाने की मुहिम के तहत सिंगापुर और जापान की चार दिवसीय यात्रा पर आज यानी रविवार को रवाना होंगे। यह 2017 की म्यांमा यात्रा के बाद मुख्यमंत्री का पहला विदेशी दौरा होगा, जिसे प्रदेश की निवेश कूटनीति और औद्योगिक विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के अनुसार 23-24 फरवरी को सिंगापुर और 25-26 फरवरी को जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री 33 प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर प्रदेश में निवेश, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विस्तार के नए अवसरों पर चर्चा करेंगे।

इस यात्रा की खास बात यह होगी कि मुख्यमंत्री G-to-B (‘गवर्नमेंट टू बिजनेस’ यानी सरकार और व्यापार जगत के प्रतिनिधियों के बीच) बैठकों और गोलमेज बैठकों के जरिए निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे। वह निवेशकों से प्रदेश के औद्योगिक खाके, नीति स्थिरता और कारोबारी संभावनाओं पर स्पष्ट और परिणाम केंद्रित बातचीत करेंगे। मुख्यमंत्री प्रवासी भारतीयों और उत्तर प्रदेश वासियों को संबोधित करने के साथ-साथ छात्र-छात्राओं से भी संवाद करेंगे।

सिंगापुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री 25 कंपनियों के प्रतिनिधियों से मिलेंगे। गूगल और एसटीटी ग्लोबल जैसे निवेशकों के साथ डेटा सेंटर अवसंरचना, जापफा ग्रुप और ओलम इंटरनेशनल के साथ कृषि उद्योग, मैपलट्री और एआई सैट्स के साथ लॉजिस्टिक नेटवर्क तथा एवीपीएन, जीएससी ग्रीन्स और ईडीपीआर सनसीप के साथ अक्षय एवं सौर ऊर्जा निवेश पर चर्चा होगी।

अपने जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री 8 प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। कुबोटा और सुजुकी के साथ ऑटोमोबाइल निवेश, तोक्यो इलेक्ट्रॉन के साथ सेमीकंडक्टर, तोशिबा के साथ इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण तथा टोयो डेंसो, जापान एविएशन इलेक्ट्रॉनिक्स और नागासे एंड कंपनी के साथ ऑटोमोबाइल आपूर्ति श्रृंखला सहयोग प्रमुख एजेंडा रहेंगे। कनाडेविया के साथ ग्रीन हाइड्रोजन और मारुबेनी के साथ आथित्य-सत्कार एवं रियल एस्टेट निवेश पर भी चर्चा होगी।

अधिकारियों के मुताबिक सरकार को उम्मीद है कि इन बैठकों से निवेश प्रस्तावों को गति मिलेगी और संयुक्त परियोजनाओं का रास्ता साफ होगा। मुख्यमंत्री की यह यात्रा न केवल निवेश आकर्षित करने का प्रयास है बल्कि वैश्विक मंच पर ‘ब्रांड यूपी’ को सशक्त रूप से स्थापित करने की दिशा में भी इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।चार दिन के इस दौरे में मुख्यमंत्री निवेशकों के सामने नए उत्तर प्रदेश की तस्वीर रखेंगे।

आदित्यनाथ का यह दौरा प्रदेश को एक हजार अरब डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में आगे बढ़ाने और ‘मेक इन यूपी' को वैश्विक स्तर पर मजबूती देने में अहम साबित हो सकता है।

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