लखनऊ : उत्तर प्रदेश भाजपा में बहुत जल्द बड़ा सांगठनिक बदलाव होने जा रहा है। साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। लंबे समय से इस बदलाव का इंतजार किया जा रहा था। भाजपा संगठन में कई महीनों से बदलाव की चर्चा चल रही थी। इस बड़े बदलाव की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं।
जानकारी के मुताबिक कहा जा रहा है कि वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश भाजपा संगठन में शीर्ष स्तर पर 50 प्रतिशत तक बदलाव की तैयारी चल रही है। भाजपा की सभी 6 क्षेत्रीय इकाइयों के अध्यक्ष बदले जाएंगे। राज्य कार्यकारिणी में भी बड़े स्तर पर बदलाव संभव है।
वर्ष 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के 7 मोर्चों को नए अध्यक्ष मिल सकते हैं। संगठन में युवा चेहरों को तरजीह देने की तैयारी की जा रही है। भाजपा का बड़ा फोकस बूथ स्तर को मजबूत करने पर है। उ.प्र. भाजपा संगठन में होने वाले बदलाव के मद्देनजर लंबे समय से एक पद पर जमे नेताओं की छुट्टी होना तय मानी जा रही है। इस दौरान दोहरी जिम्मेदारी निभा रहे पदाधिकारियों पर गाज गिर सकती है।
उ.प्र. के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष के साथ गहन चर्चा के बाद पूरी रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व सौंप दी है।
PDA फॉर्मूले के मुकाबले की रणनीति
सांगठनिक बदलाव के तहत पुराने क्षेत्रीय अध्यक्षों को राज्य इकाई में जगह मिल सकती है। वहीं नए क्षेत्रीय अध्यक्ष अपनी टीम खुद बनाएंगे। PDA फॉर्मूले का मुकाबला करने की रणनीति पर जोर दिया जा रहा है। बता दें कि भाजपा संगठन में कई महीनों से बदलाव की चर्चा चल रही थी।